
pumpkin cultivation: लौकी एक कद्दू वर्गीय फसल है जिसकी खेती भारत में पूरे साल की जा सकती है। जायद, खरीफ और रबी– तीनों ही सीजन में इसकी अच्छी पैदावार ली जा सकती है। लेकिन खेती से मुनाफा तभी होता है जब किस्म सही चुनी जाए। ऐसे में अगर आप भी लौकी की ऐसी किस्म की तलाश कर रहे हैं जिससे अधिक उपज मिल सके और जोखिम कम हो, तो PSPL लौकी आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकती है।
क्या है PSPL लौकी की खासियत?
PSPL किस्म की लौकी को वैज्ञानिक तरीके से तैयार किया गया है जो मौसम की मार और रोगों के प्रति अधिक सहनशील होती है। इसकी उपज सामान्य किस्मों की तुलना में ज्यादा होती है। साथ ही इसका आकार और स्वाद भी बाजार में पसंद किया जाता है। यह किस्म 55–60 दिनों में तैयार हो जाती है और लगातार फल देती है।
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PSPL किस्म की कीमत
अगर आप भी लौकी की खेती करना चाहते हैं तो PSPL किस्म के 15 ग्राम के पैकेट का बीज फिलहाल 22 रुपये में राष्ट्रीय बीज निगम की वेबसाइट से खरीद सकते हैं। इसे खरीद कर आप आसानी से लौकी की खेती कर बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं।
खेती योग्य जलवायु और भूमि
लौकी की खेती लगभग देश के किसी भी क्षेत्र में आसानी से की जा सकती है। लौकी की खेती के लिए उचित जल निकासी वाली भूमि की आवश्यकता होती है क्योंकि खेत में ज्यादा देर तक पानी ठहरने पर फसल खराब हो जाती है। वही इसकी सफल खेती के लिए हल्की दोमट भूमि उचित मानी जाती है। यह पाले को सहन करने में बिल्कुल असमर्थ होती है। इसकी खेती में 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास का तापमान काफी अच्छा माना जाता है।

