टीका एक्सप्रेस के जरिए टीकाकरण प्रक्रिया के संचालन में हर स्तर पर सहयोग कर रहा है यूनिसेफ

 

संतोष कुमार सिंह

टीका एक्सप्रेस के जरिए टीकाकरण प्रक्रिया के संचालन में हर स्तर पर सहयोग, सरकार को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध:नफीसा बिंते शफीक,यूनिसेफ, बिहार प्रमुख
यूनिसेफ द्वारा आवश्यक चिकित्सा आपूर्ति से कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई को मिला बल:मंगल पांडे
पटना:कोरोना महामारी से​ निपटने और लोगों को अधिक से अधिक से अधिक राहत देने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। गांव हो या शहर,मुहल्ला हो या कस्बा या फिर कोई दूरस्थ ईलाका या फिर दुर्गम ईलाका ही क्यों न हो बिहार सरकार की कोशिश कर रही है कि लोगों को जल्द से जल्द टीकाकरण के दायरे में लाया जाए और कोरोना को दूर भगाया जाए। क्योंकि मास्क,सोशल​ डिस्टेंसिंग की बदौलत हम कोरोना के चेन को तो तोड़ सकते हैं लेकिन इससे बचाव का एक मात्र रास्ता अधिक से अधिक टीकाकरण ही है। इसलिए बात चाहे दो गज दूरी और मास्क के जरूरी होने की तो हो ही रही है साथ ही साथ समयबद्ध तरीके से कैसे लोगों को टीका लगाया जा सके इस दिशा में भी पहल किया जा रहा है।
यही कारण है कि हाल ही में बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीकाकरण प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए शुरू किए गए टीका एक्सप्रेस (मोबाइल टीकाकरण वैन) जैसी पहल की गई है और इस प्रक्रिया में बच्चों की बेहतरी के लिए काम करने वाली अंतर्राष्ट्रीय संस्था यूनिसेफ हर स्तर पर बिहार सरकार का सहयोग कर रहा है। इस दिशा में पहल करते हुए शहरी कोविड-19 टीकाकरण अभियान के तहत यूनिसेफ के सहयोग से 40 टीका एक्सप्रेस पटना नगर निगम के अंतर्गत आने वाले सभी शहरी इलाकों में 15 दिनों के लिए टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। इसकी बदौलत शहरी बासिंदो को अपने घर के समीप ही टीका लगवाने का मौक़ा मिलेगा और अनावश्यक भीड़-भाड़ से भी बचा सकेगा।

कैसे काम करता है टीका एक्सप्रेस
प्रत्येक टीका एक्सप्रेस में 2 वैक्सीनेटर और 1 सत्यापनकर्ता होता है। इस अभियान में पटना नगर निगम का भी पूरा सहयोग लिया जा रहा है जिसपर लोगों को जागरूक व लामबंद करने की जिम्मेदारी है। यही कारण है कि टीकाकरण स्थल की व्यवस्था संबंधित वार्ड पार्षदों द्वारा की जा रही है। उपलब्धता के आधार पर प्रत्येक वार्ड में सामुदायिक भवन या विवाह भवन में टीकाकरण की व्यवस्था की गई है। पहले चरण में इसके जरिए केवल 45 वर्ष से अधिक आयु के लोग ही टीकाकरण के पात्र हैं, को शामिल किया जाना है। प्रतिदिन 200 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है और टीका एक्सप्रेस के ज़रिए टीका लगवाने वालों लोगों की संख्या में दिन-ब-दिन इज़ाफ़ा हो रहा है।
क्या कहती है यूनिसेफ प्रमुख
टीका एक्सप्रेस की सराहना करते हुए यूनिसेफ बिहार की राज्य प्रमुख, नफीसा बिंते शफीक ने कहा कि इस तरह की पहल से शहरी लाभार्थियों के बीच कोविड टीकाकरण में सुधार होगा और वर्ष के अंत तक सभी के टीकाकरण के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यूनिसेफ सरकार को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। दुनिया भर में हमारे दानकर्ताओं और समर्थकों की मदद से हम ऑक्सीजन उत्पादित करने वाले संयंत्र और ऑक्सीजन सांद्रता और अन्य आवश्यक आपूर्ति हासिल कर सरकार तक पहुंचाने में सफल हो सके हैं। कोविड-19 से गंभीर रूप से पीड़ित लोगों के लिए समय पर ऑक्सीजन की उपलब्धता उन्हें जीवनदान दे सकता है। स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों को मजबूत करके सरकार वर्तमान आपातकाल के साथ-साथ लंबी अवधि में स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों की सुदृढ़ संरचना स्थापित कर सकती है।


सरकार के साथ खड़ा है यूनिसेफ
बच्चों के व्यापक हित को देखते हुए कोविड-19 टीकाकरण और नियमित टीकाकरण का समर्थन करने के लिए यूनिसेफ ने कोल्ड चेन उपकरण खरीदकर सरकार को आपूर्ति की है। इनमें 2 वॉक इन फ्रीजर, 62 बड़े और 2 छोटे डीप फ्रीजर, 290 बड़े और 81 छोटे आइस लाइन रेफ्रिजरेटर, 1800 कोल्ड बॉक्स, 2000 फ्रीज मुक्त टीका वाहक आदि शामिल हैं। पिछले दो महीनों में इन वस्तुओं की आपूर्ति राज्य वैक्सीन स्टोर (एसवीसी), एनएमसीएच, पटना को की गई और बाद में विभिन्न जिलों में वितरित की गई। इसके अलावा, मई में गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक वॉल माउंटेड मास थर्मल स्कैनर स्थापित करने के साथ-साथ जून में 2 आरटी-पीसीआर मशीनें वायरल रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैब, माइक्रोबायोलॉजी विभाग, एसकेएमसीएच, मुजफ्फरपुर में स्थापित की गई हैं। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग को 5,50,000 ट्रिपल लेयर मास्क, 26478 हैण्ड टॉवल और 2655 पानी की बोतलें भी आपूर्ति की गईं हैं। आने वाले दिनों में 300 ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर, आरएनए एक्सट्रैक्टर्स के अलावा 3 आरटी-पीसीआर सिस्टम, 5 ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट की भी आपूर्ति की जाएगी। इन सभी वस्तुओं (पहले से आपूर्ति की गई और लंबित) की लागत लगभग 23 करोड़ होगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने की यूनिसेफ की सराहना
यूनिसेफ द्वारा उपलब्ध करायी जा रही तकनीकी सहायता और आवश्यक आपूर्ति की सराहना करते हुए स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने संगठन को धन्यवाद दिया। उन्होंने यूनिसेफ द्वारा स्वास्थ्य विभाग को 100 ऑक्सीजन सांद्रक की आपूर्ति का विशेष रूप से उल्लेख किया।


क्या कहते हैं विशेषज्ञ
यूनिसेफ बिहार के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ सिद्धार्थ रेड्डी ने कहा कि हमारी टीम कोल्ड चेन, टीकाकरण योजना और निगरानी, प्रत्याशित तीसरी लहर जिससे बच्चों को सबसे अधिक प्रभावित होने की उम्मीद है आदि को लेकर बेहतर तैयारी हेतु स्वास्थ्य विभाग को तकनीकी सहायता प्रदान कर रही है। आरएमएनसीएचए (प्रजनन, मातृ, नवजात, बाल और किशोर स्वास्थ्य) को मजबूत करना एक अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्र है जहां यूनिसेफ सरकार को तकनीकी सहायता प्रदान कर रहा है।


उल्लेखनीय है कि केवल बिहार में नहीं बल्कि पूरे देश में यूनिसेफ इंडिया कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में सरकार को हर स्तर पर सहयोग दे रहा है। यूनिसेफ इंडिया ने भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों मसलन युवाओं, सीबीएसई, शिक्षा मंत्रालय (एमओई), युवा मामलों के मंत्रालय (एमओवाईएएस) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (एमओएचएफडब्ल्यू) के साथ मिलकर भारत में एक आंदोलन शुरू किया है, जिसका नाम यंग वॉरियर्स मूवमेंट है, जिसका उद्देश्य मौजूदा कोविड-19 संकट में देश की मदद करने हेतु पांच मिलियन युवाओं को जोड़ना है। इस आंदोलन को नागरिक समाज, संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों और निजी क्षेत्र के 1,350 से अधिक भागीदारों ने अपना समर्थन दिया है।

भारत में कोविड-19 के खिलाफ बड़ी लड़ाई में सहयोग देने को तैयार यूनिसेफ यंग वॉरियर्स: डॉ. यास्मीन हक, प्रतिनिधि यूनिसेफ इंडिया

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