इग्नू से पहले वर्ष के बाद रेगुलर विवि में पढ़ाई कर सकेंगे यूजी छात्र

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जनवरी 2024 सत्र से होगी चार वर्षीय स्नातक डिग्री की शुरुआत

अंकित पाण्डेय

नई दिल्ली: इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) से स्नातक में ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग मोड (ओडीएल) से पढ़ाई करने वाले पहले वर्ष के छात्र अब एक साल की पढ़ाई के बाद डीयू, जेएनयू जैसी रेगुलर यूनिवर्सिटी से अपनी आगे की पढ़ाई जारी रख सकेंगे। शैक्षणिक सत्र जनवरी 2024 से इग्नू राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत स्नातक में चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम शुरू करने जा रहा है। खास बात यह है कि एनईपी 2020 के चलते पहली वार ओडीएल में दाखिला लेने वाले छात्र पहली बार वोकेशनल कोर्स के साथ बेहतरीन प्रदर्शन के आधार पर अपनी डिग्री रैगुलर यूनिवर्सिटी से प्राप्त कर पाएंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने शैक्षणिक सत्र 2023- 24 से सभी विश्वविद्यालयों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सिफारिशों को लागू करने का निर्देश दिया है। इसी के तहत इग्नू जनवरी 2024 सत्र से चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम शुरू करने जा रहा है। अब दुनिया और देश के सबसे बड़े दूरस्थ माध्यम से पढ़ाई करवाने वाले इग्नू भी अन्य रैगुलर यूनिवर्सिटी की तर्ज पर छात्रों को बहुविषयक (मल्टीडिसीप्लिनरी) पढ़ाई और मल्टीपल एंट्री-एग्जिट की सुविधा भी देगा। विश्वविद्यालय वोकेशनल कोर्स में नृत्य, संगीत, नाट्यशाला, कंप्यूटर, ट्रांसलेशन, रेडियो, टेलीविजन राइटिंग कोर्स में इसकी शुरुआत करेगा। क्योंकि विवि के पास इसका सेटअप बना हुआ है। इसमें यूजीसी के दिशा-निर्देशों के तहत कौशल विकास व उद्यमिता मंत्रालय मदद करेगा।

यदि कोई छात्र एक साल की पढ़ाई के बाद एग्जिट करता है तो उसे 4-4 क्रेडिट के वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई जरूरी होगी। इसके बाद उसे एग्जिट पर 44 क्रेडिट का यूजी सर्टिफिकेट मिलेगा। दो साल की पढ़ाई पूरी करने पर 84 क्रेडिट का यूजी डिप्लोमा और तीन साल की पढ़ाई पूरी करने पर बीए इन मेजर की 120 क्रेडिट की डिग्री मिलेगी। इसके बाद यदि कोई छात्र ऑनर्स करना चाहता होगा तो 40 क्रेडिट की पढ़ाई करनी पड़ेगी।

बीए, बीकॉम, बीएससी इन मेजर होगा नाम

चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम का नाम ह्यूमैनिटोज में बीए इन मेजर तो कॉमर्स में बीकॉम इन मेजर और साइंस स्ट्रीम में बीएससी- इन मेजर नाम होगा। छात्र के पास मल्टीपल एंट्री-एग्जिट का विकल्प होगा। स्नातक की चार वर्षीय डिग्री 160 क्रेडिट की होगी। जबकि तीन वर्षीय डिग्री 120 क्रेडिट की रहेगी। स्नातक डिग्री मेजर और माइनर में चलेगी। स्नातक का मुख्य विषय मेजर होगा और अन्य विषय माइनर माने जाएंगे। इसमें 60 क्रेडिट का मेजर और 24-24 क्रेडिट का माइनर, 12 क्रेडिट का इलेक्टिव और 12 ही इसके अलावा स्नातक के पहले वर्ष में सभी छात्रों को अनिवार्य रूप से छह क्रेडिट के मानव मूल्य, भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति, परंपरा आदि की पढ़ाई करनी होगी। छात्र को बीएससी के साथ-साथ बीए के हिस्ट्री जैसे मनपसंद विषयों को पढ़ने की भी आजादी होगी।

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