गुवाहाटी। असम के शहर गुवाहाटी (Guwahati) में आयोजित हो रहे इस सम्मेलन से रोगियों की देखभाल और क्लीनिकल एक्सिलेंस (clinical excellence) में शामिल प्रत्येक व्यक्ति के लिए यह एक खास अवसर है, क्योंकि 17 देशों के विशेषज्ञ पारंपरिक चिकित्सा (traditional medicine) पर विचार मंथन के लिए एक मंच पर आ रहे हैं। समग्र स्वास्थ्य के लिए आधुनिक चिकित्सा विज्ञान और पारंपरिक चिकित्सा के समन्वय (इंटीग्रेशन) के लिए यह आयोजन एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग और आयुष मंत्री सर्वानंद सोणोवाल शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के तहत गुवाहाटी में शुरू हो रहे पहले बी2बी वैश्विक सम्मेलन एवं पारंपरिक चिकित्सा (traditional medicine) पर एक्सपो का उद्घाटन करेंगे। एसीओ के 17 देशों से 150 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों अपनी तरह के पहले इस चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं।
कर्टेन रेजर (Curtain Razor) प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग और आयुष (AYUSH) मंत्री सर्बानंद सोणोवाल कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत पूरे विश्व में पारंपरिक चिकित्सा के उत्थान के लिए कार्य कर रहा है। आज हमें यह बताते हुए अपार खुशी हो रही है कि शंघाई सहयोग संगठन (SCO) एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय संगठन की अध्यक्षता इस वर्ष भारत कर रहा है । कल के उद्घाटन समारोह में केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग और आयुष मंत्री (Union Minister of State for AYUSH) सर्बानंद सोणोवाल, केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री महेंद्र भाई मुंजपारा, म्यांमार के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. थेटखेंगविन, मालदीप के स्वास्थ्य मंत्री मोहम्मद सईद और सचिव आयुष वैद्य राजेश कोटेचा उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे।
शंघाई सहयोग संगठन (Shanghai Cooperation Organisation) के तहत 2 से 5 मार्च, 2023 तक असम के शहर गुवाहाटी असम में बी2बी कॉन्फ्रेंस एवं पारंपरिक चिकित्सा पर एक्सपो का आयोजन हो रहा है। यह सम्मेलन और एक्सपो नियामकों, उद्योगो एवं व्यापारी नेतृत्व करने वालों के लिए एक अवसर लेकर आया है।
इससे एससीओ एवं सहयोगी देशों के बीच पारंपरिक चिकित्सा के अलग-अलग आयामों जैसे उत्पाद, सेवा, शिक्षा, कौशल विकास, कॉस्मेटिक और हर्बल आदि के लिए परस्पर मैत्री एवं व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। अभी तक 13 देशों के करीब 75 आधिकारिक एवं व्यापारिक प्रतिनिधियों ने सम्मेलन में हिस्सा लेने की पुष्टि की है। चीन, उज्बेकिस्तान, किरगिस्तान और कजाकिस्तान के आधिकारिक प्रतिनिधि वर्चुवल रूप सम्मेलन में शामिल होंगे।
केंद्रीय आयुष मंत्री श्री सर्बानंद सोणोवाल ने कहा कि भारत के लोगों को अपनी परंपरा पर गर्व है, खास तौर पर समृद्ध पारंपरिक चिकित्सा पर जिसने हजारों वर्षों से मानवता की सेवा की है। प्रधानमंत्री (Prime Minister) नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व के तहत हमें यह अवसर मिला है कि मानव जीवन के गुणात्मक सुधार के लिए हम अपनी विरासत और पारंपरिक चिकित्सा के पुनरोद्धार की विश्वव्यापी मुहिम का हिस्सा बनें। कोविड महामारी (Covid pandemic) से पार पाने में पारंपरिक चिकित्सा ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। अब जरूरत है कि इसको आगे ले जाया जाए और यह मंच इसके लिए एक बेहतरीन अवसर है।
असम के शहर गुवाहाटी में अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन के ऐतिहासिक अवसर पर केंद्रीय आयुष मंत्री सोणोवाल ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में पिछले आठ सालों में उत्तर-पूर्व ने खासा विकास किया है। अब यह क्षेत्र भारत के ग्रोथ इंजन के रूप में जाना जा रहा है। हम सबके लिए यह गर्व का विषय है कि गुवाहाटी में इस स्तर के अंतरराष्ट्रीय एक्सपो (international expo) का आयोजन हो रहा है। क्षेत्र के लोगों के लिए 2047 तक भारत को विश्व में श्रेष्ठतम देश बनाने की मुहिम का हिस्सा बनने का यह स्वर्णिम अवसर है। भारत ने 17 सितंबर 2022 को उज्बेकिस्तान के समरकंद में वर्ष 2023 के लिए एससीओ परिषद के प्रमुखों की अध्यक्षता ग्रहण की है। समरकंद में एससीओ शिखर सम्मेलन में प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि भारत पारंपरिक चिकित्सा पर एक नए एससीओ विशेषज्ञ कार्य समूह के लिए पहल करेगा।
एससीओ मेंडेट के तहत आयुष मंत्रालय ने विभिन्न पहल किए हैं। इसी वर्ष फरवरी में पारंपरिक चिकित्सा के प्रेक्टिशनरों और विशेषज्ञों का एक वर्चुअल सम्मेलन आयोजित किया गया जिसमें एससीओ के 25 देश शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुरुप नई दिल्ली में पिछले महीने ही आयोजित पारंपरिक चिकित्सा के विशेषज्ञ कार्यकारी समूह के ड्राफ्ट TOR को मंजूरी दी गई।
शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ), या शंघाई पैक्ट, शंघाई, चीन में 15 जून 2001 को स्थापित आठ सदस्यीय बहुपक्षीय संगठन का एक यूरेशियन राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा गठबंधन है। एससीओ में 08 सदस्य राज्य, 03 पर्यवेक्षक और 14 संवाद सहयोगी देश शामिल हैं। भारत को जुलाई 2005 में अस्ताना शिखर सम्मेलन में पर्यवेक्षक का दर्जा दिया गया और 9 जून, 2017 को अस्ताना, कजाकिस्तान में एससीओ शिखर सम्मेलन में पूर्ण सदस्य का दर्जा दिया गया। पारंपरिक चिकित्सा के विशेषज्ञ कार्यकारी समूह में स्वीकार किए गए उपरोक्त ड्राफ्ट को आगे होने वाले शिखर सम्मेलन में अंगीकार किया जाएगा।
पारंपरिक चिकित्सा पर एक्सपो का उद्देश्य एससीओ एवं साझेदार देशों के बीच पारंपरिक चिकित्सा पर व्यापार के नये रास्ते खोलना है। आयुष इंडस्ट्री के साथ ही पारंपरिक चिकित्सा से संबंधित विदेशी उद्योग/निर्यातक/आयातक अपने उत्पाद एवं सेवाओं को इस एक्सपो में प्रदर्शित करेंगे।
