कोलकाता: भाजपा-कांग्रेस और लेफ्ट हमेशा एक दूसरे के खिलाफ खड़े रहते हैं। यह पहली बार होगा कि ममता बनर्जी को पंचायत चुनाव में हारने के लिए भाजपा कांग्रेस और लेफ्ट गठबंधन कर रहे हैं।
इसी साल होने हैं चुनाव
पश्चिम बंगाल में अप्रैल-मई में पंचायत चुनाव हो सकते हैं। मामला अभी कोर्ट में है, इसलिए तारीख तय नहीं हो पा रही। कोर्ट के आदेश के बाद ही तय होगा कि चुनाव कब होंगे। टीएमसी से लेकर बीजेपी और सीपीएम तक ने ग्राउंड पर चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है। इसकी वजह है कि पंचायत चुनाव अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों में बड़ा असर डालेंगे।
लोकल लेवल पर है गठबंधन
लगातार तीन विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद वामपंथी बीजेपी के साथ गठजोड़ कर टीएमसी को हराने की तैयारी में हैं। बीजेपी भी ममता को हराने के लिए वामपंथियों का साथ लेने से परहेज नहीं कर रही। सिर्फ कम्युनिस्ट ही नहीं, बल्कि कई जगह तो कांग्रेस भी बीजेपी के साथ है। मैंने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार से पूछा कि पंचायत चुनावों में आप वामपंथियों और कांग्रेस के साथ मिलकर टीएमसी से लड़ रहे हैं तो वो बोले ‘ऐसे समझौते लोकल लेवल पर हो रहे हैं।
2018 में हुई थी बड़ी हिंसा
पश्चिम बंगाल के सीनियर जर्नलिस्ट स्निगधेंदु भट्टाचार्य कहते हैं, ‘बंगाल में पार्टी सिंबॉल पर पंचायत इलेक्शन होते हैं। इस बार TMC मुसीबत में है, क्योंकि सरकार पर भ्रष्टाचार के तमाम आरोप लगे हैं। टीचर्स रिक्रूटमेंट से लेकर कोयला और गो-तस्करी का मामला भी चल रहा है। इसलिए उसके खिलाफ माहौल बना हुआ है।
