टिड्डी दल से बचाव को खेत की ओर दौड़े किसान,शाषण भी हाई अलर्ट पर

अमरनाथ झा
पटना: बिहार पहुंचा टिड्डियों का दल अलग-अलग झुंड में बंटकर कई क्षेत्रों में फसल बर्बाद करने में लग गया है। राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश होते हुए टिड्डी-दल बीते शुक्रवार को बिहार के इलाके में पहुंच गया। हालांकि इनका समूह छोटा है। यह दल सीमावर्ती जिलों से बिहार में आया। रोहतास, भोजपुर, सीवान, गोपालगंज, पश्चिम चंपारण इलाके में पसर गया है। शुक्रवार एक छोटा समूह मुजफ्परपुर के साहेबगंज इलाके में देखा गया। हांलांकि शाम के समय टिड्डी दल वहां रूका नहीं, चंपारण की ओर चला गया।


राज्य के दस जिलों में टिड्डियों के उत्पात मचाने की आशंका व्यक्त की गई है। तिरहुत, चंपारण, मगध, भोजपुर क्षेत्र इसकी जद में हैं। कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंन्द्र और पौधा संरक्षण विभाग के साथ साथ कृषि विश्वविद्यालयों को भी इसकी रोकथाम में लगाया है, ताकि फसल का नुकसान कम से कम हो।
टिड्डी दल करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ता है। टिड्डियां एक दिन में 150 किलोमीटर तक की दूरी तय करने में सक्षम होती हैं। यह दल धान के बिचड़े और सब्जियों के खेत में नुकसान पहुंचा रहा है। टिड्डियों का बड़ा समूह 1 वर्ग किलोमीटर में फैला रहता है जो एक दिन में 35 हजार मनुष्य और 20 ऊंट के बराबर भोजन एक दिन में चट कर जाता है।
टिड्डियों को भगाने के लिए कृषि विभाग ने किसानों को यथासंभव प्रशिक्षण दिया है। अधिकारियों ने टिड्डियों को भगाने के सभी उपाय करने का दावा तो किया है, पर रोहतास के अलावा कहीं भी उन्हें मारने के लिए कीटनाशक आदि के छिड़काव की व्यवस्था दिख नहीं रही है। किसान बर्तन और टीन पीटकर टिड्डियों को भगा रहे हैं। रोहतास में कीटनाशक के छिड़काव के बाद टिड्डियों के एक हिस्सा को उत्तर प्रदेश की ओर लौटते देखा गया। लेकिन रास्ते में ही उनका रुख गोपालगंज की ओर हो गया। बाकी पटना और भोजपुर होते हुए अलग-अलग इलाकों में पसर गए हैं। उनकी राह में बदलाव तेज हवा के कारण हुआ।
पटना जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में टिड्डियां उत्पात मचा रही हैं। टिड्डी दल रविवार को लगभग चार बजे नौबतपुर के रास्ते मसौढ़ी में प्रवेश कर गया। मसौढ़ी में करीब दो घंटे उत्पात मचाने के बाद नालंदा जिला में प्रवेश कर गया। पश्चिम चंपारण में नरकटियागंज के पास कुछ टिड्डियों को देखा गया, बाद में वे रामनगर की ओर चले गए। टिड्डियों ने गन्ने की फसल को भी नुकसान पहुंचाया है।

कृषि विभाग ने कीटनाशकों के साथ अग्निशामक यंत्रों को तैयार रखा है। अगर टिड्डियों ने कहीं डेरा समाया तो उनपर कीटनाशकों का छिड़काव किया जाएगा। अभी किसान टिन और ढोल बजाकर उन्हें भगाने के प्रयास में लगे हैं। यह प्रयास बहुत हद तक कारगर भी साबित हो रहा है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार रोहतास जिले के कोचस प्रखंड में करीब एक हजार टिड्डियों का दल पहुंचा था। कीटनाशकों का छिड़काव होने से करीब आधी टिड्डियां मर गई, पर बाकी पटना और भोजपुर की तरफ चली गई। कृषि विभाग टिड्डी दल के भाग जाने के बाद फसल में क्षति का आंकलन करेगा।

 

 

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