नई दिल्लीः भारी बारिश के कारण नदियों में पानी का स्तर बढ़ने से कई प्रकार के जलीय जीव सहायक नदियों से यमुना नदी में पहुंच रहे हैं। उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के पिपरी क्षेत्र के नसीरपुर गांव में तीन दिन पहले कुछ मछुआरे मछली पकड़ने के लिए जाल बिछाए थे, तभी करीब सौ किलो की एक डालफिन मछली मछुआरों की जाल में फंस गई। प्रतिबंधित मछली को मछुआरे घर लेकर गए और उसे खा गए। नसीरपुर घाट पर डाल्फिन के शिकार का वीडियो वायरल होने के बाद सोमवार को पुलिस ने मछुआरे रंजीत निषाद को गिरफ्तार कर लिया है और चार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
दरअसल शुक्रवार को पिपरी क्षेत्र के नसीरपुर गांव के रंजीत कुमार सहित गांव के कई मछुआरे यमुना नदी में मछली पकड़ रहे थे। लोगों का कहना है कि उसी बीच एक बड़ी डालफिन मछली रंजीत की जाल आ फंसी। रंजीत उसे अपने साथियों की सहायता से घर लेकर गया और वे सभी उसे पका कर खा गए।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
डालफिन को कंधे पर लेकर जाने की वीडियो बनाकर किसी ने फेसबुक पर अपलोड कर दिया। सोमवार को वीडियो वायरल हुआ तो पुलिस और वन विभाग की टीम ने जांच शुरू किया।
बता दें कि डालफिन मछली लोगों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाती है, बल्कि यह डूबते लोगों की सहायता करती है। डालफिन को पकड़ना और नुकसान पहुंचाना कानूनन अपराध है। डॉल्फिन मछली की कुछ प्रजातियाँ विलुप्तप्राय श्रेणी में हैं, सरकार इन्हें संरक्षित करने के लिए इन्हें मारने पर प्रधिबंध लगाई है। पुलिस का कहना है कि रंजीत सहित सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा, अभी पुलिश छानबीन कर रही है।
डॉल्फिन के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकरी
दोस्तों डॉल्फिन एक ऐसी मछली है जो अन्य सभी मछलियों से बिलकुल भिन्न होती है। इसकी विशेषता यह है कि यह मछली अपने दिमाग की क्षमता का कुल 9 प्रतिशत तक इस्तेमाल कर सकती है जो की धरती पर सभी सजीवों में सर्वाधिक है। इसी वजह से इसे आसानी से प्रशिक्षित किया जा सकता है और यह किसी भी कला को आसानी से सीख सकती है।
डॉल्फिन के स्वादिष्ट मांस की वजह से इसको बहुत ज्यादा पकड़ा गया और एक समय बाद इसकी तादात में बहुत तेजी से गिरावट दर्ज की गयी। अब यह रेड बुक डाटा मे विलुप्त प्राय जीवों की श्रेणी में शमिल है, जिसकी वजह से डॉल्फिन की फिशिंग को प्रतिबंधित किया गया है।
