
Moong cultivation: मूंग की खेती गर्मी के मौसम में भी लाभदायक हो सकती है। मूंग की खेती भारत के कुछ राज्यों में बड़े पैमाने पर की जाती है। इसकी खेती किसान जायद और खरीफ दोनों सीजन में अलग-अलग समय पर करते है। जायद सीजन में मार्च के प्रथम सप्ताह से अप्रैल तक बुवाई की जाती है। हालांकि खरीफ सीजन में जून के अंतिम सप्ताह से जुलाई के अंतिम सप्ताह तक बुवाई होती है। ऐसे में अगर आप मार्च के महीने में मूंग की बुवाई करना चाहते हैं। और उन्नत किस्मों को लेकर अच्छी आमदनी कामना चाहते है। तो आप नीचे दी गई जानकारी की सहायता से मूंग के खास किस्म विराट का बीज घर बैठे ऑनलाइन मंगवा सकते हैं। इसके अलावा किसान इस किस्म की खेती करके ज्यादा से ज्यादा उपज प्राप्त कर सकते हैं।
ऑनलाइन खरीदें मूंग के बीज
किसान मौजूदा समय में धान-गेहूं के अलावा दलहनी फसलों की खेती बड़े पैमाने पर करने लगे हैं। इससे किसानों की अच्छी कमाई भी हो रही है। इसलिए किसान बड़े स्तर पर इसकी खेती कर रहे हैं। ऐसे में किसानों की सुविधा के लिए राष्ट्रीय बीज निगम ऑनलाइन मूंग का बीज बेच रहा है। इस बीज को आप एनएससी के ऑनलाइन स्टोर से खरीद सकते हैं। आप चाहे तो इसे ऑनलाइन ऑर्डर करके अपने घर भी मंगवा सकते हैं।
विराट किस्म की खासियत
विराट मूंग की ये एक हाइब्रिड किस्म है। ये किस्म पीला मोजेक वायरस का प्रतिरोधी है। यह ग्रीष्म और खरीफ़ दोनों मौसम में बोई जा सकती है। इसकी फलियां लंबी और मोटी वह चमकदार हरे रंग की होती हैं। इनसे उगाई गई फसल की प्रति फली में दानों की संख्या भी ज्यादा होती है। इसके अलावा इस किस्म में मूंग की अन्य प्रचलित किस्मों की तुलना में अधिक रोग सहनशीलता होती है।
ये भी पढ़े…
लहसुन के आसूं रोतें किसान, घटते दामों से अन्नदाता परेशान, मंदसौर में सजाई फसल की अर्थी
मूंग के किस्म की कीमत
अगर आप भी विराट मूंग किस्म की खेती करना चाहते है। तो विराट किस्म के बीज का 4 किलो का पैकेट फिलहाल 14 फीसदी की छूट के साथ 516 रुपये में राष्ट्रीय बीज निगम की वेबसाइट पर आपको मिल जाएगा। यह किस्म घने पौधों वाली होती है। इसे खरीद कर आप आसानी से मूंग की खेती कर बेहतर आमदनी कमा सकते हैं।
कैसे करें खेत तैयार
मूंग की खेती के लिए अच्छे से तैयारी करना बहुत महत्वपूर्ण है। भूमि की दो से तीन बार जुताई करें। खेतो को साफ रखें। उसके बाद ढेलों को कुचलने और खरपतवारों को नष्ट करने के लिए हल्की जुताई करें। फिर मूंग दाल के बीज बोने की विधि में मौसम का भी ध्यान रखना चाहिए। जायद की बुवाई के लिए पौधे से पौधे की दूरी 10 सेमी और पंक्ति की दूरी 30 सेमी रखने की सलाह दी जाती है।



