योगी आदित्यनाथ का अधिकारियों को निर्देश… हर गांव में शुद्ध पेयजल की हो व्यवस्था

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वर्षा वर्मा

लखनऊ: देश प्रदेश में ज्यादातर बिमारियां जल जनित होती हैं। शुद्ध पेयजल के अभाव में कई लोग बीमार हो जाते हैं और अपनी जान भी गंवा देते हैं। इनमें बच्चों की संख्या अधिकाधिक है। ऐसे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे बड़ी जनसंख्या वाले प्रदेश यानी उत्तर प्रदेश के लोगों को विशेष रूप से ग्रामीणों की चिंताओं के मद्देनजर एक बड़ा फैसला लिया है और कहा है कि प्रदेश के हर गांव में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाये।

जैसा कि हम सब जानते हैं कि प्रदेश में इन दिनों जल जीवन मिशन के तहत पेयजल मुहैया कराने के लिए गांव—गांव में योजनायें चलाईं जा रही हैं। ऐसे में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जल जीवन मिशन में उपयोग की जा रही सामग्रियों की उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित की जानी चाहिए । इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि पाइप, नल आदि की क्वालिटी अच्छी से अच्छी हो। टोटी चोरी होने या खराब होने पर तत्काल नई टोटी की व्यवस्था कराई जाए। जैसा कि हम सब जानते हैं कि समाजवादी सरकार के मुखिया अखिलेश यादव जब सरकारी आवास खाली कर रहे ​थे तो कथित तौर पर वहां से टोटी भी उखाड़ लिया गया और इसको लेकर सोशल मीडिया पर तमाम तरह के आरोप प्रत्यारोप लगाये गये।

जल जीवन मिशन से संबंधित अधिकारियों की ली बैठक

खैर,उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जल जीवन मिशन से संबंधित महत्वपूर्ण बैठक ली। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को जल्द से जल्द प्रदेश के सभी गांवों में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

सीएम योगी ने कहा कि पाइप लाइन बिछाने के साथ ही संचालन और रखरखाव को लेकर भी समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। जल जीवन मिशन में हर घर शुद्ध पेयजल पहुंचाने के काम में प्लंबर की भूमिका को सबसे अहम बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्लंबरों को समुचित प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन में उपयोग की जा रही सामग्रियों की उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।

रखरखाव के लिए दिया पुख्ता बजट

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रदेश में दो करोड़ 63 लाख से अधिक घरों के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जा रही है, जिसमें 1.60 लाख करोड़ रुपये लागत आ रही है। हर साल इसके संचालन और रखरखाव में करीब साढ़े चार हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।

ग्रामीणों को करना होगा जागरूक

सीएम योगी ने कहा कि स्वास्थ्य के लिए शुद्ध पेयजल अत्यंत आवश्यक है। ग्रामीण जनता को शुद्ध पेयजल मिलेगा तो उन्हें विभिन्न बीमारियों से निजात मिलेगी, जिससे हमारे गांव स्वस्थ होंगे। यह योजना एक प्रकार से वॉटर थेरेपी की तरह है, जिससे पाचन संबंधित, यूरीन संबंधित, पीलिया, किडनी की पथरी और किडनी फेल होने जैसी बीमारियों से काफी हद तक निजात मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इस बाबत निर्देश दिया कि जल जीवन मिशन के लिए अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मदद से ग्रामीणों को जागरूक करना होगा। इसके लिए ग्राम प्रधान के साथ मिलकर कार्ययोजना तैयार करनी चाहिए।

मोबाईल बिल से भी कम है शुद्ध पेयजल का खर्च

उन्होंने कहा कि शुद्ध पेयजल के लिए ग्रामीणों तक यह बात पहुंचाई जानी चाहिए कि उनके मोबाइल के मासिक खर्च से भी कम में उन्हें यह सुविधा दी जा रही है। इसके लिए पंचायत सहायक और बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट (बीसी) सखियों को भी लगाया जाए।

​जाहिर है की योगी सरकार ग्रामीणों के स्वास्थ्य के रखरखाव पर विशेष ध्यान दे रही है और हम सब जानते हैं कि ज्यादातर बीमारियां शुद्ध पेयजल की कमी से होती है। ऐसे में यदि गांव—गांव तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने की योगी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना पर ठीक से अम्ल किया जाता है तो बीमारियों से बचाव भी हो सकेगा और हम बहुतेरे बच्चों का जीवन बचा सकेंगे।

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