
दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की और से 109 प्रकार की उच्च उपज देने वाली फसलों की किस्मों को जारी किये जाने का भारतीय किसान संघ ने स्वागत किया है लेकिन साथ ही चिंता भी जताई है कि कहीं इन बीजों में जीएम बीज तो शामिल नहीं हैं।
भारतीय किसान संघ के महामंत्री अखिल मोहिनी मोहन मिश्र ने अपनी चिंता को जाहिर करते हुए कहा कि इन बीजों के झुंड में जेनेटिक रूप से मॉडिफाइड बीज शामिल ना हों।
यह बोलीं बजट सत्र में वित्त मंत्री
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) में फसलों की 109 उच्च उपज देने वाली, जलवायु अनुकूल और बायो फोर्टिफाइड किस्मों को जारी किया था। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले बजट भाषण में इन किस्मों को जारी करने की घोषणा की थी।
हालांकि, किसान संघ का मानना है कि जीएम बीज स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए हानिकारक हैं और अभी तक कोई जीएम बीज वैज्ञानिक तौर-तरीके से भारत में नहीं आया है। किसान संघ ने प्रधानमंत्री और कृषि मंत्री से आग्रह किया है कि वे देश, किसानों और पर्यावरणविदों को आश्वस्त करें कि इन जारी 109 बीजों में कोई जीएम बीज नहीं हैं। आप को याद होगा कि भारतीय किसान संघ पूर्व से ही जीएम बीजों की मुखालफत करता रहा है। समय-समय पर जीएम बीजों के खिलाफ अनेक आंदोलन भी किए हैं। किसान संघ भारतीय स्वदेशी बीजों का पक्षधर रहा है।
लेकिन बात साफ है की भारतीय किसान संघ ने प्रधानमंत्री द्वारा 109 प्रकार की उच्च उपज देने वाली फसलों की किस्मों के जारी किए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि ये बीज आगे चलकर अपना कमाल दिखायेंगे और किसानों के लिए लाभकारी साबित होंगे।
