
नई दिल्ली: होली के रंग धीरे-धीरे बाजार में बिखरने लगे हैं। बाजारों में तरह-तरह की पिचकारियां, गुलाल, रंग और गुझिया की दुकानों पर भीड़ देखने को मिल रही है। इस बार बच्चों के लिए बेलन और सिगरेट जैसी अनोखी पिचकारियां बाजार में उपलब्ध हैं। जो उनकी खास पसंद बन रही हैं। वहीं, दिल्ली से आई कुल्हाड़ी और हथौड़े वाली पिचकारियों ने भी बच्चों को आकर्षित किया है।
नए डिजाइन की पिचकारियों का क्रेज
हर साल होली पर बच्चों के लिए नई-नई डिजाइनों वाली पिचकारियां आती हैं। और इस बार भी बाजार में कुछ अनोखे आइटम देखने को मिल रहे हैं। बेलन और सिगरेट के आकार की पिचकारियां सबसे ज्यादा पसंद की जा रही हैं। इसके अलावा, कुल्हाड़ी और हथौड़े के डिजाइन में बनी पिचकारियां भी बच्चों के बीच खास चर्चा में हैं। दुकानदारों का कहना है कि, इस तरह की पिचकारियां होली के त्योहार को और मजेदार बना देती हैं।
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हर्बल रंगों की बढ़ती मांग
बीते कुछ वर्षों में केमिकलयुक्त रंगों से होने वाले नुकसान को देखते हुए लोग अब हर्बल रंगों की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं। हर्बल रंग त्वचा के लिए सुरक्षित होते हैं और इनके इस्तेमाल से किसी तरह की एलर्जी या स्किन प्रॉब्लम नहीं होती। बाजार में गुलाल, सूखे और गीले रंगों में हर्बल विकल्प उपलब्ध हैं, जिन्हें लोग ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
बाजारों में दिखा होली का उत्साह
बाजारों में होली की तैयारियों का माहौल पूरे जोश में है। रंग-बिरंगी पिचकारियां, मिठाइयां, गुझिया और तरह-तरह के रंग दुकानों पर सजे हुए हैं। बच्चों से लेकर बड़ों तक, सभी खरीदारी में व्यस्त नजर आ रहे हैं। व्यापारी भी इस बार की बिक्री को लेकर उत्साहित हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि त्योहार से पहले बाजारों में और भी रौनक बढ़ेगी। इस बार की होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि नए डिजाइन की पिचकारियों और हर्बल रंगों के प्रति बढ़ती जागरूकता का भी प्रतीक बन रही है। लोग अब सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल होली मनाने की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे यह त्योहार और भी यादगार बन सके।

