सरकार की सावधानी पर भारी पड़ रही है अपराधियों की तिकड़म…लिंगानुपात सुधरा लेकिन बनी हुई है समस्या

0
102

 

चरखी दादरी: हरियाणा में लिंगानुपात के मामले मेें तू डाल—डाल मैं पात वाली स्थिती चल रही है। एक तरफ हरियाणा के मुखिया मनोहर लाल अपने विगत 9 वर्षों से ज्यादा के कार्यकाल में लगातार ये प्रयास करते रहे हैं कि बेटियों को मारने वाले प्रदेश और महिला पुरूष लिंगानुपात में अंतर के लिए देश भर में बदनाम हरियाणा की छवी सुधरे। उन्हें इसमें सफलता भी मिली और प्रदेश का लिंगानुपात भी सुधरा।

नौ साल पहले 876 था लिंगानुपात

लिंगानुपात के मामले में हरियाणा काफी बदनाम रहा है। 2015 में हरियाणा में एक हजार लड़कों पर 876 लड़कियों ने जन्म लिया था। हालांकि इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पानीपत से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की। इसके बाद पूरे राज्य में जन जागरूकता अभियान और लड़कियों के लिए कई सारी स्कीम शुरू की गई। उसके बाद हरियाणा में लिंगानुपात में वृद्धि दर्ज की गई। 2019 में 923 और 2020 में 922 रिकॉर्ड किया गया।


क्या कहते हैं आंकड़े

स्वास्थ्य विभाग द्वारा हाल ही में जारी लिंगानुपात आंकड़ों में चरखी दादरी जिला पहले स्थान पर रहा है। दादरी में लिंगानुपात 1049 दर्ज किया गया। वहीं महेंदगढ़ जिला लिंगानुपात के मामले में सबसे नीचले पायदान पर आते हुए 824 दर्ज किया गया। बड़ी बात यह है कि प्रदेशभर में जनवरी माह में 24 हजार 59 बेटों और 22 हजार 28 बेटियों ने जन्म लिया। प्रदेश का औसत लिंगानुपात 910 दर्ज किया गया। महिला बाल विकास निगम ने लिंगानुपाल में आये सुधार पर खुशी जाहिर की वहीं सीएमओ ने भविष्य मंे लगातार लिंगानुपात में सुधार के लिए धरातल पर जागरूकता अभियान चलाने की बात कही है।

कभी खुशी कभी गम

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जनवरी माह का लिंगानुपात के आंकड़े जारी किए हैं। जिसमें चरखी दादरी सबसे उपर आने पर जहां स्वास्थय विभाग ने स्वास्थ्य कर्मचारी, आशा वर्कर्स, आगनबाड़ी वर्कर्स की मेहनत का फल बताया वहीं भविष्य में लिंगानुपात मामले में सबसे उपर रहने के लिए लगातार फील्ड में उतरने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार चरखी दादरी जिला में 1049 का लिंगानुपात है और जनवरी माह में 224 बेटों व 235 बेटियों ने जन्म लिया है।

वहीं सबसे नीचले स्तर पर महेंद्रगढ़ जिला में लिंगानुपात 824 दर्ज किया जिसमें 636 बेटों व 524 बेटियों ने जन्म लिया है। प्रदेश की महिलायें इस बात से खुश हैं कि लड़कों की तर्ज पर समाज में लड़कियों को भी सम्मान मिल रहा है। बेटी-बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान से समाज में जागरूकता आ रही है।


बनी हुई है चुनौतियां…बाहर से करवा रहे हैं भ्रूण जांच

लेकिन कहते हैं न कि सावधानी हटी दुर्घटना घटी। मनोहर सरकार सावधान है, उसके नतीजे भी सामने आये हैं लेकिन पड़ोसी राज्यों में लिंग जांच के लिए कड़े प्रावधान और पुलिसिया चौकसी में कमी का फायदा उठाकर अपराधी हरियाणा की स्थिती को पूरी तरह सुधरने नहीं दे रहे जैसी अपेक्षित थी। बावजूद इसके स्थिती संतोष जनक ही कही जायेगी और उसमें हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल का अहम योगदान है। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि हरियाणा में भ्रूण जांच को लेकर काफी सख्ती है। बीते पांच साल में भ्रूण जांच से संबंधित 2387 छापे मारे गए। इनमें से 500 छापे हरियाणा से बाहर भी मारे गए हैं। इसके बावजूद भी लोग इसमें कामयाब हो रहे हैं। हाल के दिनों में स्वास्थ्य विभाग के सामने बड़ा चैलेंज पोर्टेबल मशीनों को लेकर है। अब मोबाइल के साइज के बराबर मशीनें हैं, जिनका इस्तेमाल लोग कर रहे हैं।

👉हरियाणा में राजकाज में आयी तेजी, आज रोहतक कल हिसार को मिलेगा करोड़ों की परियोजनाओं का सौगात

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here