- शोर था स्लाटर हाउस बंदी का लेकिन धड़ल्ले चल रहा है अवैध कारोबार
- केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती का होगा दौरा..जानेंगी सूरते हाल
पंचायत खबर टोली
मऊ : चोर चोरी से जाये हेराफेरी से न जाये। प्रशासन डाल—डाल तो चोर पात—पात। तमसा तट पर बने नए पुल पर सुबह के 10:30 से 12:30 बजे तक खड़ा होना अपने आप में कौतूहल भरा होता है। पुल के पश्चिमी छोर पर ढेकुलियाघाट श्मशान के आगे से बम घाट तक तीन-चार स्थान पर नगर से निकले कचरों के ढेर दिखाई देते हैं, कहीं-कहीं धुआं निकलता हुआ। तभी अचानक जोर की सीट बजाते दर्जनों बाज कोने वाले पलाश के पेड़ पर बसी बस्ती से उड़कर नदी के उपर मंडराने लगते हैं। कुछ नदी की धारा में बहती मछलियों पर नजर गड़ाए उड़ते हैं। बाजों की ध्वनि सुन पश्चिमोत्तर तट पर स्थित बाग से कौओं का झुंड उड़ कर नदी किनारे आने लगता है। इस दौरान तट पर जगह-जगह पर नए-पुराने पशुओं का बैठ होना आंकड़ों में स्लाटर हाऊस के बंद होने की कलई खोल देता है।
जल्द होगा केंद्रीय मंत्री का दौरा
श्री गंगा-तमसा सेवा मिशन के प्रयास से केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती शीघ्र ही नदी तटबंध का भ्रमण कर स्थिति को देखने वाली हैं। वह इसकी रिपोर्ट प्रधानमंत्री कार्यालय को सौंपेगी। अमूमन तो रोज ही प्रशासनिक अकर्मण्यता के बीच हो रहे निरंतर पशु वध पर अंकुश न लगने की कहानी का गहरा बाज और कौए खोल देते हैं। इसे पशु प्रेमी और नदी से जुड़े लोगों में इस लाचारी को लेकर व्यापक रोष है। श्री गंगा-तमसा सेवा मिशन द्वारा अवैध स्लाटर हाऊस के संदर्भ में दर्जनों बार पत्रक और तीन बार का दिया गया धरना प्रशासनिक अकर्मण्यता की गाथा कहता नजर आता है। मिशन संस्थापक-संयोजक ज्ञानेंद्र मिश्र बताते हैं कि तटबंध पर बने अवैध स्लाटर हाउस में निरंतर पशुवध किया जाता है। तटबंध पर उपरांत नियमित रूप से गिराए जा रहे कचरे के नीचे पशु वध के अवशेष को फेका जाता है। इससे नदी की पवित्रता भंग होने के साथ प्रदूषण भी बढ़ता है। तमसा का साफ किए बिना नमामि गंगा परियोजना सफल हो ही नहीं सकती। जिला प्रशासन की कारस्तानी के बीच मिशन ने केंद्रीय जल संसाधन मंत्री से भ्रमण कर स्थिति का अवलोकन करने का आग्रह किया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। जल्द ही उनका आगमन तमसा तट पर होगा। मिशन के नगर महामंत्री श्रीकांत त्रिपाठी ने बताया कि किसी वर्ग विशेष को प्रशासन द्वारा संतुष्ठ किया जा रहा है। रात में अवैध रूप से स्लाटरिंग के बाद ट्रकों में माल की रोज पैकिंग होती है। नदी की पवित्रता को लेकर मिशन कृत संकल्पित है।
जन आंदोलन करेंगे स्थानीय लोग
स्टालर हाउस बंद कर नदी की शुचिता बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा शीघ्र कार्रवाई न करने की दशा में मिशन द्वारा लोगों जागरूक करते हुए व्यापक जन-आंदोलन किया जाएगा। इनसेट–प्रशासनिक कार्रवाई की दास्तानतटबंध पर बने स्लाटर हाऊस अवैध बताते हुए श्रीगंगा-तमसा सेवा मिशन में प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिख मामले को संज्ञान में लेने का आग्रह किया। वहां से नदी में प्रदूषण की स्थिति व अवैध स्लाटर हाउस के बाबत तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश जिलाधिकारी को दिया गया। पीएम के पत्र को जिला प्रशासन द्वारा स्थिति की जांच के लिए क्षेत्रीय प्रदूषण बोर्ड के पास भेज दिया। बोर्ड द्वारा इस विषय पर नगरपालिका को पत्र लिख स्लाटर हाउस की स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया। पालिका प्रशासन ने बताया कि कुछ निजी पशुवध का लाइसेंस दिया गया है।
