
पटना: स्वीट कार्न व बेबी कार्न मक्के की खेती तेजी से बढ़ रही है। किसान इसे नकदी फसल के रूप में उगा रहे हैं। और इसे अच्छा मुनाफा भी कमा रहे है। हालांकि अब किसान रबी फसलों की कटाई के बाद स्वीट कॉर्न और बेबी कॉर्न की खेती शुरू करेंगे। इन किसानों के लिए बिहार कृषि विभाग ने ऐलान किया है। कि सब्सिडी रेट पर बीज उपलब्ध कराया जाएगा। ताकि किसान कम खर्च में अधिक कमाई कर सकें।
बिहार के कृषि विभाग ने किसानों से सब्सिडी रेट पर बीज पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन मांग है। इसमें जिले के सभी प्रखंडों का चयन किया गया है। जहां किसानों को सब्सिडी पर स्वीट और बेबी कॉर्न का बीज दिया जाएगा। इन क्षेत्रों में चौसा, पुरैनी, आलमनगर, उदाकिशुनगंज और बिहारीगंज शामिल हैं। स्वीट कॉर्न की खेती मधेपुरा, कुमारखंड और मुरलीगंज में होगी। यहां के किसान कम समय में स्वीट कॉर्न की खेती कर अधिक मुनाफा कमा सकेंगे
किसानों का जोर नकदी फसल
स्वीट कार्न व बेबी कार्न ये दोनों फसलें नकदी हैं। और इसे किसान कम समय में
खेतों में लगाकर अच्छी कमाई कर सकते हैं। ये दोनों फसलें 3 महीने में तैयार हो जाती है। इस तरह किसान एक ही खेत में साल में तीन बार ये फसल लगा सकते है। और उससे कमाई कर सकते हैं। बिहार के किसानों के लिए स्वीट कॉर्न और बेबी कॉर्न की खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग ने पहल शुरू की है। इसके तहत किसानों को सब्सिडी पर बीज दिए जाएगा। ताकि किसान इसकी खेती के लिए प्रोत्साहित हो सकें।
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हालांकि मधेपुरा जिले के पांच प्रखंड में बेबी कॉर्न फसल की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। वही दूसरी तरफ मधेपुरा सदर अनुमंडल के तीन प्रखंड का चयन स्वीट कॉर्न की खेती के लिए किया गया है। इन दोनों क्षेत्र के किसान ऑनलाइन आवेदन कर बीज सब्सिडी पर ले सकते हैं। और अपने खेतों में लगा सकते हैं। इससे उनकी खेती की लागत घटेगी और कमाई बढ़ेगी। मधेपुरा जिले के कृषि पदाधिकारी ने बताया कि स्वीट कार्न और बेबी कॉर्न की खेती किसानों के लिए वरदान साबित होगी। और इससे किसानों को आर्थिक रूप से मजबूती मिलेगी। किसानों को बीज उपलब्ध कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगा गया है।
किसानों को इसकी खेती के लिए ट्रेनिंग भी दी जा रही है। आत्मा योजना के उप परियोजना निदेशक ने कहा कि आत्मा योजना के तहत अभियान चलाकर किसानों को स्वीट कॉर्न और बेबी कॉर्न की खेती के लिए बढ़ावा दिया जाएगा। इसको लेकर पहल शुरू की गई है। इसमें किसानों को आत्मा के जरिये ट्रेनिंग भी दिलाई जाएगी ताकि वे खेती सही ढंग से कर सकें और अपनी आमदनी को बढ़ा सकें।

