
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिये अच्छी खबर है। धारा-370 हटने के बाद यह पहला विधानसभा का चुनाव होगा। चुनाव की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने कई कदम उठाए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की जा रही है। इसके अलावा, चुनाव आयोग ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। मतदान प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए नई तकनीकों का भी उपयोग किया जा रहा है।
केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 व धारा 35 (ए) समाप्त कर जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य दर्जा 5 अगस्त 2019 को खत्म कर दिया गया था। तबसे 5 वर्ष का समय बीत चुका है। संसद ने पहली बार संविधान के अनुच्छेद 3 का इस्तेमाल करते हुए क्षेत्र में 2 केंद्र शासित प्रदेश बना दिए थे।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार के नेतृत्व में निर्वाचन आयोग 8-10 अगस्त तक जम्मू कश्मीर का दौरा करेगा। इस दौरान टीम विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करेगी।
यह दौरा केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट की 30 सितंबर की समयसीमा से कुछ हफ्ते पहले होगा। कुमार के साथ निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और एस एस संधू भी होंगे।
कश्मीर पहुंचने के बाद आयोग सबसे पहले श्रीनगर में राजनीतिक दलों के साथ बैठक करेगा। वे तैयारियों की समीक्षा के लिए सीईओ, एसपीएनओ और केंद्रीय बल समन्वयक के साथ भी बैठक करेंगे। इसके अतिरिक्त, आयोग मुख्य सचिव, डीजीपी, जिला चुनाव अधिकारियों और सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ तैयारियों की समीक्षा करेगा।
