सोयाबीन के दामों में आई गिरावट किसान परेशान.. एक सितंबर से आंदोलन की चेतावनी

0
189

वर्षा वर्मा

भोपाल: किसान खेती करता है​ ताकि उसकी आमदानी बड़े लेकिन फसलों के दाम इतने कम हो जाते है। कि किसानों को लागत निकालना तक मुश्किल हो जाता है। सोयाबीन की कीमतों में आई भारी गिरावट ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। सिर्फ सोयाबीन ही नहीं काफी फसले हैं जिनके दामों में गिरावट आई है।

फसलों के दाम कम होने से किसान अपनी न्यूनतम आए भी नहीं निकाल पाते है। जिसके कारण खेती—किसानी पर असर पड़ रहा है। इसके चलते किसान एक बार फिर से आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं।

दरअसल सोयाबीन की कम कीमतों को लेकर मध्य प्रदेश के की किसान एक सितंबर से आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं। इस आंदोलन के तहत 1 से 7 सितंबर तक गांवों में पंचायत सचिवों को ज्ञापन सौंपे जाएंगे और सोयाबीन का भाव 6 हजार रुपये प्रति क्विंटल तय करने की मांग की जाएगी।

प्रदेश भर के किसानों ने सोशल मीडिया पर इसके लिए मुहिम छेड़ दी है। सोशल मीडिया के जरिए किसान लगातार सोयाबीन की कम कीमतों को लेकर आवाज उठा रहे हैं।

वहीं एक सितंबर को इसे लेकर औपचारिक आंदोलन की शुरुआत भी होने जा रही है। जिसमें प्रदेशभर के विभिन्न संगठनों के करीब 2000 किसान नेता और पांच हजार गांवों के किसान शामिल होंगे।

उनका कहना है कि अगर 7 सितंबर के बाद भी सरकार सोयाबीन की कीमतों को लेकर कोई फैसला नहीं लेगी तो उसके बाद संयुक्त किसान मोर्चा मध्य प्रदेश की एक बैठक होगी। जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।

किसान सत्याग्रह मंच के संस्थापक सदस्य ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में सोयाबीन की कीमतों में लगातार गिरावट आई है। और इस साल दाम 3500 रुपये प्रति क्विंटल तक गिर गए हैं।

उन्होंने कहा कि उत्पादन लागत और मौजूदा कीमतों के बीच बड़ा अंतर है। उन्होंने कहा कि सोयाबीन की प्रति एकड़ लागत 15 से 20 हजार रुपये आती है। जबकि प्रति एकड़ 4 से 5 क्विंटल उत्पादन होता है।

मौजूदा दाम के हिसाब से किसानों को उत्पादन लागत निकालना कठिन हो रहा है। जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर कीमतें ऐसे ही गिरती रही तो किसानों को मजबूरन सोयाबीन की खेती छोड़नी पड़ेगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here