झारखंड राज्य पंचायत सचिव संघ हड़ताल को तैयार, अपनी मांग के समर्थन में निकाला मशाल जुलूस

0
151

वर्षा वर्मा

लातेहार: एक तरफ हेमंत सोरेने की सरकार को चंपई रूपी ग्रहण लग गया है यानी पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन भाजपा के हो गये हैं वहीं गांव सरकार में भी परेशानियां कम नहीं हैं। दरअसल झारखंड राज्य पंचायत सचिव संघ ने अपनी मांग के समर्थन में न सिर्फ हड़ताल का ऐलान किया बल्कि मशाल जुलूस निकालकर सरकार को आगाह भी किया है।

सरकार आपके द्वार कार्यक्रम पर लगा ग्रहण

जैसा कि विदित है कि झारखंड पंचायत सचिव संघ के और सरकार के बीच संघ के दो सूत्री मांग को लेकर पिछले दो माह से लगातार वार्ता चल रही थी। लेकिन वार्ता सफल नहीं होने के बाद पंचायत सचिव संघ ने हड़ताल पर जाने की घोषणा कर दी है। इधर पंचायत सचिव संघ के हड़ताल पर जाने से झारखंड सरकार की आपकी सरकार-आपके द्वार कार्यक्रम पर सवाल उठने लगा है।

क्या कहते हैं संगठन के लोग

पंचायत सचिव संघ के जिला महामंत्री मनोज प्रसाद ने बताया कि आज मशाल जुलूस के माध्यम से हमने अपना विरोध जताया है। और कल से सभी पंचायत सचिव हड़ताल पर चले जाएंगे।

सचिव संघ के सदस्यों का बयान

प्रादेशिक संगठन के समर्थन में जिला स्तरीय संगठनों ने सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करनी शुरू कर दी है। पंचायत सचिव संघ के लातेहार जिला अध्यक्ष आत्मा सिंह ने कहा कि सरकार से हम लोग ग्रेड पे 2400 करने और पंचायत सचिव को सेवाकाल के दौरान प्रमोशन के जरिए प्रखंड पदाधिकारी का दर्जा देने की मांग की है। लेकिन सरकार के द्वारा उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया।

जिसके कारण सभी लोग अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस दौरान वे लोग सरकार की सभी योजनाओं को बाधित करेंगे। राज्य में प्रस्तावित सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में भी भाग नहीं लेंगे। इसके अलावा अबुआ आवास योजनां मंईयां सम्मान योजना। मनरेगा योजना समेत अन्य सभी प्रकार की योजनाओं का बहिष्कार करेंगे।

मनरेगा कर्मी पहले से ही हैं हड़ताल पर

बता दें कि झारखंड राज्य में मनरेगा कर्मी पिछले एक माह से हड़ताल पर बैठे हुए हैं। जिसके कारण मनरेगा का कार्य पूरे राज्य में प्रभावित हो रहा है। हालांकि पंचायत सेवकों के भरोसे पंचायत में कुछ कार्य हो भी रहे थे लेकिन पंचायत सचिव के भी हड़ताल पर चले जाने से पूरे राज्य में पंचायत स्तर पर कार्य प्रभावित होने की पूरी संभावना है।

गौरतलब है कि आगामी कुछ माह में झारखंड में पंचायत चुनाव होने वाले हैं वैसे में गांव सरकार से जुड़े पंचायती राज संगठनों का हड़ताल पर जाना मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए खतरे की घंटी है। वहीं शिबू सोरेन के करीबी रहे चंपई के रंग बदलने से पहले ही युवा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनका दल परेशानियों से घिरा हुआ नजर आ रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here