सीता नवमी: इस मुहूर्त में करें मां जानकी की पूजा, जानें शुभ मंत्र

0
353
वर्षा वर्मा

 

 

Sita Navami:   हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को सीता नवमी मनाई जाती है। इस दिन को सीता जयंती और जानकी जयंती के नाम से भी जाना जाता है। बता दें कि मां सीता मिथिला नरेश राजा जनक की पुत्री थीं। इसलिए उन्हें जानकी भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वैशाख शुक्ल की नवमी तिथि के दिन माता सीता धरती पर प्रकट हुई थीं। इस साल सीता नवमी 5 मई 2025 को मनाई जाएगी। तो आइए जानते हैं कि सीता नवमी के दिन मां जानकी की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।

 

 

 

 

सीता नवमी शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, वैशाख शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि का आरंभ 5 मई को सुबह 7 बजकर 35 मिनट पर होगा। नवमी तिथि का समापन 6 मई को सुबह 8 बजकर 38 मिनट पर होगा। सीता नवमी के दिन पूजा के लिए शुभ मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 18 मिनट से दोपहर 1 बजकर 53 मिनट तक रहेगा।

 

 

 

ये भी पढ़े…

 

पॉलीहाउस योजना: राजस्थान सरकार दे रही है किसानों को 95% तक की सब्सिडी

 

 

 

सीता नवमी का महत्व
सीता नवमी के दिन व्रत करने का भी विधान है। इस दिन व्रत कर भगवान राम और मां सीता की विधिपूर्वक की जाती है। कहते हैं कि सीता नवमी के दिन जो कोई भी व्रत करता है। उसे सोलह महादानों और सभी तीर्थों के दर्शन का फल मिलता है। साथ ही माता सीता और श्री राम के मंत्र का 11 बार जप करना चाहिए। मंत्र इस प्रकार है- श्री सीतायै नमः। श्री रामाय नमः। इस प्रकार मंत्र जप करके माता सीता और श्री राम, दोनों को पुष्पांजलि चढ़ाकर उनका आशीर्वाद लें। इससे आपके सारे मनोरथ सिद्ध होंगे और आपकी सारी इच्छाएं पूरी होंगी।

 

 

माता सीता के मंत्र

  • ॐ सीतायै नमः
  • ॐ श्री सीता रामाय नमः
  • श्री जानकी रामाभ्यां नमः
  • ॐ जनकनन्दिन्यै विद्महे रामवल्लभायै धीमहि। तन्न: सीता प्रचोदयात्।।
  • ॐ जनकजाये विद्महे रामप्रियाय धीमहि। तन्नो सीता प्रचोदयात्।।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here