
Security lapse in Lok Sabha: संसद हमले की 22वीं बरसी पर सदन में उस वक्त अफरातफरी का माहौल बन गया जब लोकसभा की कार्यवाही के दौरान एक ओर जहां दो युवक दर्शक दीर्घा से कूदकर सांसदों की बेंच पर पहुंच गए और कलर गैस का छिड़काव कर दिया। दूसरी ओर, संसद के बाहर दो लोगों ने गैस का छिड़काव कर दिया। संसद के अंदर और बाहर धुआं-धुआं फैल गया।

आरोपियों को दिल्ली पुलिस ने दोनों लोगों को हिरासत में लिया। जिसमें एक महिला शामिल है और आरोपी महिला का नाम नीलम बताया जा रहा है। यह हरियाणा के हिसार की रहने वाली है। दूसरे आरोपी का नाम अनमोल शिंदे हैं। यह महाराष्ट्र के लातूर का रहने वाला है। इसकी उम्र लगभग 25 साल बताई जा रही है।
मामले को लेकर दिल्ली पुलिस ने कहा दोनों आरोपियों को पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन लाया गया है। दिल्ली पुलिस के साथ-साथ इंटेलिजेंस ब्यूरो की टीम भी पूछताछ कर रही है। सदन के बाहर प्रदर्शन करने वाले आरोपियों का कहना है कि उनकी बात नहीं सुनी जा रही है। जिसके बाद उन्होंने यह कदम उठाया है। प्रदर्शन करते हुए दोनों आरोपियों ने भारत माता की जय, जय भीम और तानाशाही नहीं चलेगी जैसे नारे लगाए।
दूसरी ओर, संसद के अंदर दर्शक दीर्घा से कूदे दो आरोपियों में से एक का नाम सागर शर्मा बताया जा रहा है। दूसरे आरोपी के नाम का अभी पता नहीं चला है। सांसद दानिश अली ने बताया कि सदन में कूदने वाले युवक मैसूर सांसद के रेफरेंस से लोकसभा विजिटर के पास आए थे। सुरक्षा कर्मियों ने अराजकता फैला रहे दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
पीठासीन अधिकारी ने क्या कहा
पीठासीन अधिकारी राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि एक व्यक्ति गैलरी से कूदा तो लगा कि शायद वह नीचे गिर गया है। तभी दूसरे व्यक्ति को दर्शक दीर्घा से कूदते देखा। इनमें से एक के हाथ में कुछ था, जिसमें पीले रंग का धुआं निकल रहा था, जबकि दूसरे के हाथ में कुछ था, जिससे पिट-पिट की आवाज आ रही थी। वे कुछ नुकसान नहीं कर पाए, उन्हें तुरंत काबू में कर लिया गया। हालांकि, उनका दर्शक दीर्घा से कूदना गंभीर विषय है। यह संसद की सुरक्षा में बड़ी चूक है। जांच होगी और कार्रवाई होगी।
संसद पर आतंकी हमले की बरसी भी आज ही है। 13 दिसंबर 2001 को आतंकियों ने पुराने संसद भवन पर आतंकी हमला किया था। आज सुबह सभी सांसदो ने सदन पर 2001 में हमले में शहीदों को याद किया। आज ही के दिन सदन में इस तरह की घटना हुई। यह सुरक्षा में चूक है। सभी सांसदों संसद में इस घटना को सुरक्षा में बड़ी चूक बताते हुए सरकार से गंभीरता से कार्रवाई करने की अपील की।
बता दें कि, आज ही के दिन 22 साल पहले यानी 13 दिसंबर, 2001 को संसद भवन पर आतंकवादी हमला हुआ था। इस समय भी संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है और बड़े-बड़े नेता इस समय पार्लियामेंट में मौजूद थे। इस लिहाज से देखा जाए तो संसद की सुरक्षा में बड़ी चूक हुई है। बड़ी बात यह है कि किसी सिक्यॉरिटी वाले ने नहीं, सारे सांसदों ने मिलकर उसे पकड़ लिया।
इस घटना की रिर्पोटिंग कर रहे मीडिया चैनलों ने भी नैतिकता की सारी सीमा लांघते हुए न सिर्फ हंसी मजाक करते देखे गए बल्कि इस घटना में इस्तेमाल हुए स्प्रे को लेकर भी छीनाझपटी होते देखी गई जिसको लेकर सोशल मीडिया मीडिया के इन भांडो की भद्द पिटी जा रही है।
