बिहार में खुले स्कूल, बच्चों में उत्साह,माता-पिता आशंकित

आलोक रंजन

पटना: 9 वीं कक्षा की छात्रा बबली ने कल शाम ही नीतीश कुमार ​द्वारा दिये गये साईकिल को झाड़—पोंछ के तैयार कर लिया है। ठीक 9 माह बाद स्कूल की कक्षाएं लगने वाली हैं। हालांकि मुनिया ने स्कूल के शिक्षकों की मदद से आॅन लाईन पढ़ाई जारी रखा था। लेकिन इंटरनेट की कनेक्टिवटी के कारण पूरा साल बस जैसे तैसे ही गुजरा। आॅनलाईन कक्षाएं लगती रहीं। कभी समझ आया,कभी नहीं समझ आया। खानापूर्ती होती रही। लेकिन अब स्कूल खुलने की घोषणा हो गई है और अब स्कूल में कक्षा लगेगी। बड़ी बात ये है कि पढ़ाई तो होगी साथ ही स्कूली साथियों से मिलने का उत्साह भी है।


कमोबेश यही आलम बबली जैसी सभी छात्र—छात्राओंं की है। स्कूल जाने की खुशी तो है लेकिन मन में कोरोना के फैलाव को लेकर आशंका भी है। कोरोना का टीका आ गया है। नीतीश सरकार ने बिहार में स्कूलों और प्री यूनिवर्सिटी कॉलेजों को एक बार फिर से खोलने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले के मुताबिक, 10वीं से 12वीं तक की कक्षाएं 4 जनवरी से शुरू की रही है। बोर्ड के बच्चों यानी 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए क्लासेस लेना काफी अहम है, क्योंकि इन कक्षाओं के छात्रों को परीक्षाएं देनी होती हैं। सरकार ने अपने स्तर पर कोरोना के नियमों को पूरी तरह से पालन करते हुए स्कूलों को खोलने की अनुमती दी है। अभी केवल नौवीं से लेकर बारहवीं तक की कक्षाओं के संचालन की अनुमति दी गई है। इन कक्षाओं में भी 50 फीसद बच्‍चों को ही बुलाना है।


कोरोना से बचाव की तैयारी
सरकारी हो या निजी स्‍कूल कोरोना महामारी से बचाव के लिए पूरी सतर्कता बरत रहे हैं। सभी स्‍कूलों में बच्‍चों को मास्‍क पहनकर आना अनिवार्य किया गया है। स्‍कूल में प्रवेश के साथ ही शारीरिक दूरी का भी ख्‍याल रखा जा रहा है। सभी स्‍कूलों में सैनि‍टाइजर की व्‍यवस्‍था मुख्‍य गेट सहित अन्‍य स्‍थानों पर की गई है। कुछ स्‍कूलों में बच्‍चों के लिए ग्‍लव्‍स पहनकर आने को कहा गया है। मां बाप ने भी अपने स्तर पर सर्तकता रखी है और स्‍कूलों के ज्‍यादातर बच्‍चे खुद भी सैनिटाइजर लेकर पहुंचे हैं।
उल्लेखनीय है कि सरकार द्वारा 18 दिसंबर को ही इस बाबत घोषणा की गई थी कि स्कूल खोलने की तैयारी की जा रही है और 9वीं से लेकर 12वीं तक के छात्रों के लिए 4 जनवरी से खोले जाने की अनुमति दी गयी थी। सरकार के निर्देशों के अनुसार स्कूलों को 18 जनवरी तक 2021 तक आधे दिन (सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक) खोला जाना है। इसके बाद इन स्कूलों में पूरी कक्षाएं आयोजित की जाएंगी। राज्य में 9वीं से लेकर 12वीं तक के 36 लाख से अधिक नामांकन किये छात्रों को सरकार द्वारा मास्क का वितरण किया गया है। मुख्य सचिव संजय के अनुसार राज्य के 38 जिलों में 9वीं से लेकर 12वीं तक की कक्षाओं में कुल 36,61,942 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। हालांकि अभी बिहार बोर्ड के ही स्कूल खुले हैं। केंद्रीय विद्यालय सहित कई स्‍कूल अभी नहीं खुले हैं। इन स्‍कूलों का प्रबंधन अभी इस बारे में निर्णय लेगा कि पठन-पाठन कब से शुरू होना है।

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