पंचायत खबर डेस्क
बिहार में नये सरकार के गठन के बाद से ही राजनीतिक हत्यायों का दौर जारी है। राज्य में आगामी महिनों में पंचायत चुनाव भी होने वाले हैं, ऐसे में चुनाव के दौरान और उसके बाद हत्या की वारदात और बढ़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। इसकी शुरूआत एक पंचायत प्रतिनिधि के पति की हत्या के साथ हो गयी है। नीमाचांदपुरा थाना क्षेत्र के वनद्वार गांव में शनिवार को दिनदहाड़े बाइक सवार बदमाशों ने 30 वर्षीय सरपंच पति रूदल पासवान की गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना से आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पत्नी मीरा देवी सदर प्रखंड क्षेत्र की कैथ पंचायत की निर्वाचित सरपंच हैं। मृतक दमदमा गांव का रहनेवाला था।सरपंच पति की हत्या के बाद दमदमा गांव में तनाव व दहशत का माहौल बना हुआ है।
पुलिस सूत्रों की माने तो रूदल पासवान का विवाद उसकेही भावज के साथ चल रहा था। प्रथमदृष्ट्या इसी विवाद में उसकी हत्या की बात सामने आ रही है। पुलिस इस घटना में संलिप्त बदमाशों को चिह्नित कर उसकी गिरफ्तारी के लिए संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। लोगों ने कुछ देर के लिए एनएच 31 को जाम कर विरोध- प्रदर्शन भी किया।
मृतक के परिजनों ने बताया कि रूदल अपनी उजली मारुति कार से दमदमा गांव की एक महिला को प्रसव कराने के लिए शुक्रवार की रात वनद्वार गांव गया था। लौटते समय वनद्वार शिव मंदिर के पास गाड़ी खराब होने से वह गांव लौट गया।
शनिवार की सुबह रूदल अपनी बाइक से पुत्र व एक अन्य ग्रामीण के साथ वनद्वार गांव पहुंचकर मिस्त्री से गाड़ी ठीक कराने लगा। वहीं बाइक पर सवार दो-तीन बदमाश आए व रूदल से दोस्ताना अंदाज में बात करते हुए शिवमंदिर के समीप गाड़ी के पास ले गए और गोली मार दी।
गोली लगने के बाद वह बचाओ-बचाओ का शोर मचाते हुए भागने लगा। उसी बीच बदमाशों ने दूसरी गोली भी मार दी जिससे उसकी मौत घटनास्थल पर हो गई। हत्या की खबर सुन आसपास के लोगों ने बाइक सवार बदमाश को रोकने का प्रयास किया लेकिन वे चकमा देकर भाग निकले जबकि दो बदमाश पैदल ही दक्षिण दिशा में बहियार की ओर भागे।
मृतक को तीन पुत्रियां व एक पुत्र है। उसके परिजनों ने बताया कि रूदल पासवान करीब एक साल से अपनी प्राण रक्षा की गुहार लगाते हुए स्थानीय थाना पुलिस का चक्कर लगा रहा था। कई बार वह एसपी को भी इस बारे में आवेदन दे चुका था ।
अवैध संबंध का विरोध करना पड़ा महंगा : सरपंच पति रूदल पासवान को अवैध संबंध का विरोध करना महंगा पड़ा। परिजनों के अनुसार अवैध संबंध के विरोध करने पर ही उसे दुष्कर्म के केस में भी फंसाया गया था। हाइकोर्ट से जमानत मिली थी. इसके बाद भी वह विरोध पर डटे रहे। इसको लेकर विवाद गहराने लगा। शनिवार को उसकी हत्या कर दी गयी. सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष दिनेश कुमार साहु ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। उन्होंने बताया कि हत्या के कारणों की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि रूदल को हत्या के एक मामले फरार चल रही उनकी भावज क्रांति देवी से दुश्मनी थी।
क्या कहते हैं अधिकारी
बेगूसराय के पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार का कहना है कि आपसी विवाद में सरपंच पति की हत्या हुई है, जांच कमेटी का गठन किया गया है। घटना में संलिप्त अपराधियों की शिनाख्त की जा रही है। जल्द ही उसे धर-दबोच लिया जायेगा।
हत्या की थी आशंका
छह माह पूर्व कुसमहौत मक्का अनुसंधान केंद्र के पास कुछ बदमाशों के द्वारा सरपंच पति रूदल की हत्या की योजना बनायी जा रही थी। लेकिन इसी दौरान रास्ते से गुजर रहे उसी गांव के दो अन्य युवक को पकड़ कर उसे रूदल को बुलाने का दबाव बनाया गया. युवकों ने रूदल को नहीं बुलाया था, तो दोनों को गोली मार दी थी। इस घटना में एक की मौत हो गयी थी. एक अन्य घायल हो गया था। इसके बाद से ही रूदल पासवान अपनी जान पर खतरा रहने की सूचना देते हुए कई बार थाना पुलिस से लेकर वरीय अधिकारी से सुरक्षा की गुहार लगायी थी। लेकिन कोई भी उनकी गुहार को गंभीरता से नहीं लिया।
