क्यों मनाया जाता है रक्षाबंधन, जानें राखी बांधने के क्या हैं नियम

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वर्षा वर्मा

दिल्ली: इस साल 19 अगस्त, सोमवार को रक्षाबंधन मनाया जाएगा। दरअसल ये त्योहार भारतीय सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण पर्व है। जिसे भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करने के लिए मनाया जाता है।

यह त्योहार हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा को बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनके लंबी उम्र और खुशहाली की कामना करती हैं। जबकि भाई अपनी बहनों को उपहार देकर उन्हें सुरक्षा का आश्वासन देते हैं।

अच्छे मुहूर्त अथवा भद्रा रहित काल में भाई की कलाई पर राखी बांधने से भाई को कार्य सिद्धि और विजय प्राप्त होती है। इस साल रक्षाबंधन के दिन भद्रा सुबह 5 बजकर 53 मिनट से आरंभ हो जाएगी। जो दोपहर 1 बजकर 32 मिनट पर समाप्त होगा।

पंचांग के अनुसार इस साल राखी बांधने का शुभ मुहूर्त 19 अगस्त को दोपहर 01:30 से लेकर रात्रि 09:07 बजे तक रहेगा। इस मुहूर्त में बहनें भाई को राखी बांध सकती हैं। रक्षाबंधन के दिन मुख्य द्वार पर ताजे फूलों और पत्तियों से बनी बंधनवार लगाएं और रंगोली से घर को सजाएं। जो आपके भाई की समृद्धि के लिए मददगार हो सकता है।

पूजा के लिए एक थाली में स्वास्तिक बनाकर उसमें चंदन, रोली, अक्षत, राखी, मिठाई, और कुछ ताज़े फूलों के बीच में एक घी का दीया रखें।

दीपक प्रज्वलित कर फिर भाई को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बिठाएं। उनके सिर पर रुमाल या कोई वस्त्र रखें अपने भाई के माथे पर रोली-चंदन और अक्षत का तिलक लगाकर राखी बांधें और आरती उतारकर मिठाई का भोग लगाएं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पुरुषों और अविवाहित कन्याओं को दाएं हाथ में रक्षासूत्र बांधना चाहिए वहीं विवाहित स्त्रियों के लिए बाएं हाथ में राखी बांधने का विधान है।

भाइयों को राखी बंधवाते समय उस हाथ की मुट्ठी को बंद रखकर दूसरा हाथ सिर पर रखना चाहिए। वास्तु शास्त्र में काले रंग को औपचारिकता, बुराई, नीरसता और नकारात्मक ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए इस दिन बहन और भाई दोनों को काले रंग के कपड़े पहनने से परहेज करना चाहिए। कुछ इस तरह राखी के पर्व को मनाया जाता हैं।

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