
Rajasthan: खेतों में सिंचाई के लिए पानी ना मिलने से राजस्थान के किसान परेशान है। इसलिए किसान मांग को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। दरअसल जिले के खाजूवाला, लूणकरणसर, छतरगढ़, पूगल और बज्जू में किसानों का आक्रोश चरम पर है। किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम कर दिया है। रबी फसलों के लिए इंदिरा गांधी नहर से अतिरिक्त सिंचाई के लिए किसान पानी की मांग को लेकर कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। सिंचाई के पानी की मांग को लेकर प्रशासन के साथ हाल ही में बातचीत विफल होने के बाद किसान घड़साना टोल पोस्ट पर और सतासर और बीकानेर-श्रीगंगानगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रदर्शन करेंगे।
किसानों का प्रदर्शन पानी की मांग
गेहूं, चना, सरसों की फसलों को बचाने के लिए पानी की मांग कर रहे क्योंकि यदि जल्द पानी नहीं मिला, तो उनकी फसलें नष्ट हो जाएंगी। जिससे वे भारी आर्थिक नुकसान में पड़ जाएंगे। इसलिए राजस्थान के किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। एजेंसी के अनुसार पानी की मांग को लेकर प्रशासन के साथ किसानों को वार्ता विफल होने के बाद आज शनिवार को चक्का जाम का आह्वान किया गया है।
इन हाइवे पर चक्का जाम करने का ऐलान
किसानों ने घड़साना टोल पोस्ट पर राष्ट्रीय राजमार्ग-911 और 620 आरडी के पास सतासर राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रदर्शन करने की घोषणा की है। लूनकरनसर के किसान भी बीकानेर-श्रीगंगानगर राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध करेंगे। जिस कारण यातायात बहाल रखने के लिए जिला प्रशासर सतर्क है। और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात कि गई है।
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अनूपगढ़ विधायक भी किसानों के समर्थन में
सिंचाई के लिए अतिरिक्त पानी की मांग को लेकर राजस्थान विधानसभा में भी मुद्दा उठाया गया है। जिसे किसानों के विरोध का समर्थन कर रहीं अनूपगढ़ विधायक शिमला देवी ने कहा कि हम जल संसाधन मंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत कर रहे हैं। लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। उन्होंने कहा कि अनिश्चितकालीन धरना जारी है। और आंदोलन के तहत राजमार्गों को अवरुद्ध करेंगे। विधायक ने यह भी बताया कि राजस्थान भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) का सदस्य नहीं है। जो पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और चंडीगढ़ को पानी की आपूर्ति को नियंत्रित करता है।
सरकार पर पानी सप्लाई बंद करने का आरोप
किसान सुभाष बिश्नोई ने बताया कि हमें अतिरिक्त सिंचाई पानी मिल जाए तो हमारी फसलें बच सकती हैं। लेकिन सरकार ने पानी की आपूर्ति बंद कर दी है। जिससे हमारी फसलें सूखने के कगार पर पहुंच गई हैं। किसान अजमेर सिंह ने कहा कि पानी की कमी के कारण खेतों में खड़ी फसलें सूख रही हैं। जिससे उन्हें भारी नुकसान हो रहा है। कई किसान कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं। उन्होंने बुवाई के लिए बैंकों से कर्ज लिया है। या साहूकारों से पैसा उधार लिया है। अब जब फसल सूख रही है। तो कड़ी मेहनत और पैसा बर्बाद होता दिख रहा है।

