
पटना: बिहार में इस साल विधानसभा चुनाव है। चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी बिहार में विकास कार्यों पर पूरा ध्यान दे रही है। इस क्रम में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को बिहार के मुंगेर जिले में जमालपुर रेलवे वर्कशॉप का निरीक्षण किया और कर्मचारियों से बातचीत की। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ‘ललन सिंह ’, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा समेत रेलवे के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
गुरुवार रात राज्य की राजधानी पहुंचे वैष्णव शुक्रवार सुबह पटना जंक्शन से जमालपुर के लिए विशेष ट्रेन में सवार हुए। यात्रा के दौरान उन्होंने पटना-मोकामा-बेगूसराय-मुंगेर ब्रिज-जमालपुर मार्ग पर रेलवे के बुनियादी ढांचे का बारीकी से निरीक्षण किया।
दरअसल यह यात्रा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हो रही है। अपने दौरे के दौरान रेल मंत्री जमालपुर रेल इंजन फैक्ट्री में 79 करोड़ रुपये की लागत से वैगन पीरियोडिक ओवरहालिंग (पीओएच) सुविधा की आधारशिला रखेंगे। चालू होने के बाद, यह सुविधा हर महीने 545 से 800 मालगाड़ियों की ओवरहालिंग कर सकेगी, जिससे इस क्षेत्र में भारतीय रेलवे के माल ढुलाई संचालन की क्षमता में वृद्धि होगी।
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इसके अतिरिक्त, जमालपुर कारखाने को LHB कोच और वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने की संभावना है, जो इसकी तकनीकी और परिचालन क्षमताओं को दर्शाता है।केंद्रीय मंत्री वैष्णव कारखाने के दौरे को बिहार में रेल बुनियादी ढांचे के विकास के रूप में देखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, रेल मंत्री नई ट्रेन सेवाओं, अमृत भारत योजना के तहत स्टेशनों के पुनर्विकास और लंबित रेल परियोजनाओं पर और घोषणाएं कर सकते हैं।हाल ही में, केंद्र सरकार ने बिहार में रेलवे के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 70,672 करोड़ रुपये के बड़े आवंटन की घोषणा की। यह बजट नई रेल लाइनों, स्टेशन पुनर्विकास, विद्युतीकरण और रोजगार पैदा करने वाले रेलवे हब के लिए निर्धारित है।


