
नई दिल्ली: दिल्ली मास्टर प्लान 2041 बहुत जल्द लागू होने जा रहा है। मास्टर प्लान के अनुसार, दिल्ली के कुल 48 गाँव का शहरीकरण किया जाएगा। दिल्ली के PWD मंत्री परवेश वर्मा ने घोषणा की कि लाल डोरा श्रेणी में आने वाली संपत्तियों की पहली रजिस्ट्री निःशुल्क की जाएगी। सबसे पहले यह समझते है की लाल डोरा श्रेणी क्या है – यह एक ऐसा क्षेत्र है जिसे किसी गाँव के भीतर आवासीय उद्देश्यों के लिए चिन्हित किया जाता है। इन क्षेत्रों को चिह्नित करने के लिए, ब्रिटिश काल के दौरान एक लाल रेखा का उपयोग किया गया था, इसलिए इसका नाम लाल डोरा पड़ा।
हालांकि PWD मंत्री परवेश वर्मा के मुताबिक, दिल्ली मास्टर प्लान 2041 अंतिम प्रक्रिया में है। बता दें कि दिल्ली मास्टर प्लान 2041 का अंतिम मसौदा दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने 2022 में ही तैयार कर आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (एमओएचयूए) को भेज दिया था। तब से यह मंजूरी का इंतजार कर रहा है। PWD मंत्री ने कहा, “हमारा लक्ष्य सिर्फ नीतियां बनाना नहीं है, बल्कि उन्हें जवाबदेही के साथ पारदर्शी तरीके से जमीन पर लागू करना है।” परवेश वर्मा ने दक्षिण-पश्चिम दिल्ली स्थित दौलतपुर गांव के दौरे के दौरान यह घोषणा की।
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मास्टर प्लान 2041
दिल्ली के मास्टर प्लान 2041 का लक्ष्य 150 मिलियन वर्ग फीट का कमर्शियल रियल एस्टेट बनाना है। इसके परिणामस्वरूप, रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए सीधे तौर पर 15 बिलियन अमेरिकी डॉलर का अवसर पैदा होगा। इस योजना के तहत, सरकार 5000 एकड़ में 1,700 अनधिकृत कॉलोनियों को नया स्वरूप देगी। इन सभी प्रयासों के परिणामस्वरूप 57,000 हेक्टेयर शहरी विस्तार होगा। इतना ही नहीं राष्ट्रीय राजधानी के कई हिस्सों का विकास 30-50 साल पहले हुआ था। इसलिए इनमें से कई औद्योगिक क्षेत्रों को योजनाबद्ध और कुशल तरीके से पुनर्विकास करने का एक बढ़िया अवसर है।

