महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर (cervical cancer) की समस्या…कारण, लक्षण और निदान…

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संतोष कुमार सिंह

नई दिल्ली: वैसे तो बीमारी चाहे कोई भी चिंता बढ़ाती है और सही इलाज की जरूरत होती है लेकिन यदि कैंसर जैसी बीमारी हो लोगों में घबराहट स्वाभाविक है। ऐसी ही एक बीमारी है सर्वाइकल कैंसर (cervical cancer) जो आजकल महिलाओं में ज्यादा देखने को मिल रही है। लेकिन सबसे बड़ी चिंता की बात है कि भारत में ऐसे मामले अधिकाधिक सामने आ रहे है जिसकी वजह से महिलाओं की मौत सबसे ज्यादा हो रही है। हालांकि संतोष की बात यह है कि अब भारत सरकार ने सर्वाइकल कैंसर (cervical cancer) के जोखिमों से महिलाओं व किशोरियों को बचाने के लिए स्वदेश निर्मित सर्ववैक वैक्सीन (CERVAVAC Vaccine) सार्वभौमिक टीकाकरण अभियान में शामिल कर अभियान के तहत टीकाकरण का निर्णय लिया है और जल्द ही इसे शुरू भी किया जाएगा।

साल 2020 में 341,831 महिलाओं की हुई थी मौत
ग्लोबोकैन की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2020 में वैश्विक स्तर पर सर्वाइकल कैंसर (cervical cancer) के 604,100 नए मामलों का पता चला जिसमें से 341,831 महिलाओं इस कैंसर के कारण अपनी जान गंवा दी थी। हाल ही में लैंसेट की एक स्टडी में खुलासा हुआ है कि पूरी दुनिया में 40 प्रतिशत महिलाओं की मौत सर्वाइकल कैंसर की वजह से हुई है जबकि भारत में 23 प्रतिशत महिलाओं की मौत सर्वाइकल कैंसर के कारण होती है।

सर्वाइकल कैंसर (cervical cancer) का टीका
भारत में महिलाओं की हो रही कैंसर से बढ़ते मौत के आंकड़े के मद्देनजर ‘वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन’ (WHO) ने बड़ा कदम उठाया है। WHO के मुताबिक भारत को सर्वाइकल कैंसर मुक्त कराने के लिए मानव पेपिलोमावायरस (एचपीवी) टीका न सिर्फ तैयार किये जाएंगे बल्कि दुनिया भर में भेजे जाएंगे। जिसके तहत भूटान,मालदीव,म्यांमार,श्रीलंका और थाईलैंड ने सर्वाइकल कैंसर के इलाज के लिए राष्ट्रव्यापी एचपीवी टीकाकरण शुरू किया जाएगा।

सर्वाइकल कैंसर (cervical cancer) ​के लिए स्वदेशी टीका

इस दिशा में पहल करते हुए भारत में सर्वाइकल कैंसर (cervical cancer) ​के लिए स्वदेशी टीका विकसित किया है। यह टीका है सर्ववैक वैक्सीन (CERVAVAC Vaccine)। भारत में 2023 के मध्य तक स्वदेशी रूप से विकसित इस सर्ववैक वैक्सीन को लगाना शुरू कर द‍िया जाएगा। भारत के ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया की ओर से भी वैक्सीन को मंजूरी दी जा चुकी है। इतना ही नहीं इस वैक्‍सीन को पब्लिक हेल्थ प्रोग्राम में इस्तेमाल करने के ल‍िए सरकारी एडवाइजरी पैनल NTAGI से भी मंजूरी दी जा चुकी है। बताया जाता है क‍ि 9 से 14 वर्ष की किशोरियों के लिए एक बार का कैच-अप टीका प्रदान किया जाएगा। इसके बाद, इसको 9 साल की बच्चियों को भी द‍िया जा सकेगा। वहीं, भारत में निर्मित एचपीवी वैक्सीन की कीमत ₹200 न‍िर्धार‍ित की गई है।

महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर
सर्वाइकल कैंसर गर्भाशय के निचले सिरे से शुरू होता है जो ऊपरी योनि से संपर्क करता है जिसे गर्भाशय ग्रीवा कहा जाता है। मानव पेपिलोमावायरस (एचपीवी) के खिलाफ स्क्रीनिंग और टीकों की उपलब्धता के कारण अधिकांश विकासशील देशों में महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर मौत का एक आम कारण है।

​कई प्रकार के होते हैं एचपीवी वायरस
अधिकांश सर्वाइकल कैंसर (cervical cancer) ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) संक्रमण के कारण होते हैं। एचपीवी वायरस का एक समूह है जो दुनिया भर में बेहद आम है। एचपीवी के 100 से अधिक प्रकार हैं, जिनमें से कम से कम 14 कैंसर पैदा करने वाले हैं यदि आप इम्यूनोसप्रेसिव दवाओं का अधिक सेवन करती हैं, धूम्रपान करती हैं तो भी इसका जोखिम हो सकता है। एक अध्ययन से पता चलता है कि अधिकांश लोगों के जीवन में कभी न कभी एचपीवी का संक्रमण होता है पर उन्हें इसका एहसास नहीं होता क्योंकि उनका शरीर, संक्रमण से मुकाबला करके उसे खत्म कर देता है।

सर्वाइकल कैंसर (cervical cancer) के लक्षण
सर्वाइकल कैंसर (cervical cancer) के पहचान के लिए नियमित तौर पर जांच कराते रहना चाहिए, जिससे शुरुआती स्टेज पर ही बीमारी की पहचान हो सके। मासिक स्राव में अनियमितता, माहवारी के अलावा भी रक्त स्राव होना, शारीरिक संबंध बनाने के बाद रक्त स्राव होना, मीनोपॉज के बाद रक्त स्राव होना, दुर्गंधयुक्त स्राव होना आदि सर्वाइकल कैंसर के लक्षण हैं।

इस कैंसर की 4 स्टेज होते हैं। अगर आखिरी स्टेज के लक्षण की बात करें तो गर्दन की गांठ, सीने में दर्द और पीठ में दर्द इस बीमारी के आखिरी लक्षण है।
स्टेज 0- सर्वाइकल कैंसर (cervical cancer) के पहले चरण में प्रीकैंसरस कोशिकाएं मौजूद होती हैं।

स्टेज 1- कैंसर कोशिकाएं सतह से गर्भाशय ग्रीवा के गहरे ऊतकों में और संभवत गर्भाशय में और पास के लिम्फ नोड्स में विकसित हो जाती हैं।

स्टेज 2- इसमें कैंसर गर्भाशय ग्रीवा और गर्भाशय से आगे बढ़ जाता है, लेकिन श्रोणि की दीवारों या योनि के निचले हिस्से तक नहीं पहुंच पाता। यह पास के लिम्फ नोड्स को प्रभावित कर भी सकता है और नहीं भी।

स्टेज 3- सर्वाइकल कैंसर (cervical cancer) कोशिकाएं योनि के निचले हिस्से या श्रोणि की दीवारों में मौजूद होती हैं, और यह मूत्रवाहिनी, मूत्राशय से मूत्र ले जाने वाली नलियों को अवरुद्ध कर सकती हैं। यह पास के लिम्फ नोड्स को प्रभावित कर भी सकता है और नहीं भी।

स्टेज 4- कैंसर मूत्राशय या मलाशय को प्रभावित करता है। यह लिम्फ नोड्स को प्रभावित कर भी सकता है और नहीं भी। बाद में चरण 4 में, यह लिवर, हड्डियों, फेफड़ों और लिम्फ नोड्स सहित दूर के अंगों में फैल जाएगा।

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पहली स्टेज में सर्वाइकल कैंसर (cervical cancer) का इलाज
पहली स्टेज में आपरेशन या रेडियोथेरेपी द्वारा इसका इलाज किया जा सकता है। यदि कैंसर दूसरी स्टेज से ऊपर है तो रेडियोथेरेपी के साथ कीमोथेरेपी के प्रयोग से इस पर विजय पाई जा सकती है। एडवांस स्टेज में भी रोगी के लक्षणों को काबू किया जा सकता है और उम्र बढ़ा पाना संभव है।

रखें खानपान का ध्यान
इस बीमारी से बचने के लिए ऐसे फलों का सेवन करना चाहिए जो खाने में आसान, ताजा और उच्च पानी की मात्रा वाले होते हैं, जैसे जामुन, खरबूजा, केला, अनानास, नाशपाती आदि का सेवन कर सकते हैं। ब्लूबेरी में कई फाइटोकेमिकल्स और पोषक तत्व होते हैं, जो कैंसर विरोधी प्रभाव, एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि और डीएनए को नुकसान से बचाने की क्षमता दिखाते हैं।

रोकथाम के लिए लॉन्च की गई पहली वैक्सीन
सर्वाइकल कैंसर (cervical cancer) की रोकथाम को लेकर 1 सितंबर को भारत में पहली स्वदेशी सर्ववैक वैक्सीन लॉन्च की गई है। सर्ववैक वैक्सीन के टीकाकरण अभ‍ियान चलाने का फैसला राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (NTAGI) की सिफारिश पर ल‍िया गया है। इतना ही नहीं इस सार्वभौमिक वैक्‍सीन‍ेशन कार्यक्रम में ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) वैक्सीन को शामिल करने की सिफारिश की गई थी।
इतना ही नहीं महिलाओं और बालि​काओं को सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer) से बचाने की अपनी जवाबदेही को देखते हुए केंद्र सरकार (Central Government) ने अभ‍ियान चलाकर खासकर 9 से 14 साल की उम्र की क‍िशोर‍ियों को स्‍कूल में ही सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए सर्ववैक वैक्सीन (CERVAVAC Vaccine) के टीके लगाने का निर्णय लिया है। जिन किशोरियों को स्‍कूल में यह टीका नहीं लग पायेगा उनको टीका स्वास्‍थ्‍य सुव‍िधा केंद्र पर उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया गया है।


क्या कहते हैं विशेषज्ञ

स्वास्थ्य विशेषज्ञ की राय है कि सर्वाइकल कैंसर (cervical cancer) के जोखिमों को ध्यान में रखते हुए सभी लोगों को इससे बचाव के लिए सर्ववैक वैक्सीन (CERVAVAC Vaccine) के टीके लगाया जाना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि सर्ववैक वैक्सीन (CERVAVAC Vaccine) के माध्मय से आने वाले वर्षों में कैंसर के इस गंभीर खतरे और मृत्युदर को काफी हद तक कम करने में सफलता मिल सकती है।

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