- ऑर्गेनिक फार्मूले से विकसित की तीन एकड़ में फाइव लेयर फार्मिग तकनीक
चैतन्य सोनी
सागर: पीएमटी में एमबीबीएस की बजाय बीडीएस मिलने के बाद मेडिकल क्षेत्र में जाने का विचार छोड़ सागर के आकाश चौरसिया फसलों के डॉक्टर बन गए। उन्होंने अपने तीन एकड़ के खेत को आदर्श फार्म हाउस में तब्दील कर दिया। गर्मी के सीजन में एक साथ पांच फसलें लेकर परंपरागत किसानों के लिए नजीर पेश की है। फाइव लेयर फार्मिंग के साथ जैविक खेती, गाय के गोबर से केंचुआ खाद, गोमूत्र से दवाएं व कीटनाशक तैयार किया है। कई राज्य सरकारें और संस्थाएं इस तकनीक के प्रचार-प्रसार के लिए इन्हें आमंत्रित कर चुकी हैं। अब तक सात राष्ट्रीय पुरस्कार पा चुके हैं।
बदल गया विचार
सागर के तिली वार्ड निवासी आकाश चौरसिया का 2010 पीएमटी में सिलेक्शन हुआ। पसंदीदा एमबीबीएस की जगह बीडीएस मिलने पर मेडिकल प्रोफेशन में जाने का विचार छोड़ खेती की तरफ मुड़ गए। उन्होंने परंपरागत खेती को जैविक खेती में तब्दील कर, मल्टीलेयर फार्मिग, इंट्राक्रॉप फसलें उगाना शुरू कर दिया। साल भर में एक एकड़ से करीब 3 से 4 लाख रुपये तक मुनाफा उठा रहे हैं।
गोमूत्र, गोबर और केंचुआ खाद
परंपरागत तरीकों और फसल चक्र के विपरीत आकाश साल भर मल्टीलेयर फार्मिग से मुनाफा उठा रहे हैं। उन्होंने पौधों का कुपोषण कम करने और मिट्टी के स्वास्थ्य को बढ़ाने पर काम किया है। गोबर से बनी केंचुआ खाद, कचरे से खाद, केंचुओं के शरीर से निकलने वाले एसिड और एंजाइम से बना अर्क, गोमूत्र-छाछ और पत्तियों से बनाये गए देशी कीटनाशक तथा दवाओं का उपयोग करते हैं। गाय के गोबर से 32 प्रकार की खाद बनाते हैं।
ऐसे तैयार करते हैं खेत
खेत में देशी ग्रीन हाउस बना है। कीट-पतंगे अंदर नहीं जा सकते। हवा के साथ खरपतवार के बीज खेत के अंदर नहीं पहुंच सकते। जमीन के अंदर अदरक फिर साग-भाजी जिनमें पालक, चौलाई, मेथी, राजगीर आदि। तीसरी लेयर में बेल वाली फसल जिनमें करेला, कुंदरू, परवल, टिंडा जैसी फसलें। चौथी लेयर में बढ़े पत्ताें वाली फसलें जिनमे ककड़ी, कद्दू या अन्य फसल जो ग्रीन हाउस के ऊपर उगती हैं। पांचवीं लेयर में पपीता जैसी फसल उगाते हैं। एक साथ सब्जी, अनाज, फल व दलहन भी लगाए जा सकते हैं। इनमे अंतरवर्तीय फसल व उनका कॉम्बिनेशन महत्वपूर्ण है।
जैविक खाद के साथ अर्क
आकाश चौरसिया अपने खेत में जैविक खाद, केंचुआ खाद तैयार करते हैं। इससे पौधों का कुपोषण दूर किया जाता है। पूरा फार्महाउस सेंट्रल डिप सिस्टम से जुड़ा है।
आकाश को सात राष्ट्रीय अवार्ड से नवाजा जा चुका है। इनमे राष्ट्रीय पतंजलि कृषि गौरव अवार्ड, महिंद्रा समृद्धि युवा राष्ट्रीय पुरस्कार, बेस्ट फार्मर अवार्ड, बायोवेद इंस्टीट्यूट इलाहाबाद, मां प्रतिभादेवी सम्मान एवं हाल ही में जिंदल फाउंडेशन द्वारा राष्ट्रीय स्वयं सिद्ध सम्मान मिला है।
किसानों को प्रशिक्षण
किसान यदि चाहें तो सागर में हर महीने 27 से 30 तारीख तक निशुल्क प्रशिक्षण ले सकते हैं। आकाश और उनकी टीम किसानों को खेत तैयार करने, मल्टीलेयर फामिर्ंग और खाद तैयार करने के गुर सिखाती है। जो नहीं आ सकते वे उनकी टीम को बुला सकते हैं।
खेती में चमकाया..
- इंट्राक्रॉप तकनीक के इस्तेमाल से सालाना कमा रहे 12 लाख तक मुनाफा
- 50 मॉडल फॉर्म हाउस मध्य प्रदेश सहित गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना में बनाए 6000 किसान आकाश के मार्गदर्शन में कर रहे खेती
- 250 युवाओं की टीम खेती के लिए तैयार कर दी है। इनमें आइआइटी, एमबीए, पीएचडी डिग्रीधारी शामिल
- 2500 भारतीय सेना के जवानों को कचरा प्रबंधन की दे चुके ट्रेनिंग
- तकनीक पर डिस्कवरी चैनल ने प्रोग्राम बनाया है। (दैनिक जागरण से साभार)

