शिवराम गिरि
प्रतापगढ़: केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से संचालित ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ‘ योजना को आधार बनाकर माफियाओं ने आंचलिक क्षेत्र के लोगों को संगठित तरीके से ठगना शुरू कर दिया है। बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ योजना के नाम से एक फर्जी फार्म तैयार किया और उसका प्रचार कर लोगो को चूना लगाना शुरू कर दिया है। अब योजना में चयन चाहे हो या न हो लेकिन फार्म 10-50 रूपये में बेचे जा रहे है। फार्म भरने के लिए जो पता लिखा गया है वह भी गलत है।
जिला के कुंडा तहसील मुख्यालय के पोस्ट आफिस में दो दिन से लोगो की भारी भीड़ दिख रही है। इसमें ज्यादा संख्या महिलाओं की दिख रही है। लोगों को रसीदी टिकट मिलने में दिक्क्त होने के साथ ही लंबी लाइन लगाकर खिड़की तक पहुंचना पड़ रहा है। दरअसल कुछ दिन पहले बाजार में एक फार्म आया है। इसमें लिखा है कि भारत सरकार ने बेटी पढ़ाओ- बेटी बचाओ योजना शुरू की है। इसमें 8-32 वर्ष की बेटियों को दो-दो लाख रूपये दिए जाएंगें।
फार्म के अनुसार इसके लिए 200 करोड़ रूपये की शुरूआती राशि का भी दावा है जो 228 जिलो में भेजी गई है। इसके अलावा गांव और शहर दोनो जगहों के लिए इसे मान्य बताया गया है। यानी भरने वाले फार्म में ही पूरी जानकारी दे दी गई है। इसमें जो पता दिया गया है वह भारत सरकार रक्षा मंत्रालय एवं बाल विकास मंत्रालय, शास्त्री भवन नई दिल्ली का है। इस फार्म के बारे में जिसे भी जानकारी हो रही है वह इसको लेकर टूट पड़ा है।
क्या बोले जिम्मेदार:फिलहाल ऐसी किसी योजना की जानकारी के बारे में स्थानीय अधिकारियों ने अनभिज्ञता जाहिर किया है। बावजूद इसके पोस्टआफिस में मारामारी मची हुई है।
बेटी पढ़ाओ- बेटी बचाओ योजना की हकीकत: केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार भारत सरकार द्वारा किसी को नकदी हस्तांतरित करने का कोई प्रावधान नही है। बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ योजना सामाजिक व्यवस्था में गहरी पैठ बना चुकी पितृसत्ता और सोच को चुनौती देने पर पीसीएंडपीएनटी (प्री कंसेप्सन एंड प्री नाटल डायग्नोस्टिक टेक्निकस प्रोहिबिसन आफ सेक्स सेलेक्सन एक्ट) कानून को सख्ती से लागू करने पर और बच्चियों को शिक्षा देने पर जोर देती है। यह कोई प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) योजना नही है।
