
कोलकाता: एक गरीब परिवार की बेटी की शादी का खर्च उठाना किसी चुनौती से कम नहीं होता है। अक्सर इन परिवारों को पैसे जुटाने के लिए कर्ज लेना पड़ता है। जो लंबे समय तक सिर पर बोझ बना रहता है। इसी मुश्किल को हल करने के लिए सरकार ने एक योजना शुरू की है। रूपाश्री प्रकल्प जो शादी के समय आर्थिक मदद प्रदान कर कई परिवारों को राहत पहुंचा रही है।
क्या है रूपाश्री प्रकल्प योजना
पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से शुरू की गई रूपाश्री प्रकल्प योजना का मकसद आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की युवतियों को शादी के लिए वित्तीय सहायता देना है। 31 जनवरी 2018 को पेश किए गए वित्तीय वर्ष 2018-19 के राज्य बजट में पश्चिम बंगाल सरकार ने आर्थिक रूप से तनावग्रस्त परिवारों को उनकी वयस्क बेटियों की शादी के समय एक बड़ी रकम देकर वित्तीय सहायता देने की घोषणा की थी।
इस योजना के तहत वार्षिक आय 1.5 लाख रुपये तक के परिवारों को एक बार में 25,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। यह सहायता उन महिलाओं को दी जाती है जो 18 साल या उससे अधिक उम्र की हैं और जिनकी शादी होने वाली है। वहीं आवेदिका की उम्र शादी के समय 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। आवेदिका पश्चिम बंगाल की स्थायी निवासी होनी चाहिए। इसके अलावा यह योजना आवेदिका की पहली शादी पर लागू होती है और शादी का कानूनी रूप से पंजीकरण होना अनिवार्य है।
जरूरी दस्तावेज
इस योजना का फायदा उठाने के लिए अव्वल तो आवेदिका के पास जन्म प्रमाणपत्र या उम्र का प्रमाण होना चाहिए। इसके अलावा पारिवारिक आय प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र, शादी का विवरण, जिसमें शादी की तारीख और स्थान शामिल हो, दुल्हन का बैंक खाता विवरण और आधार कार्ड जैसे पहचान प्रमाण का होना जरूरी है।
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कैसे करें आवेदन
आवेदक स्थानीय ब्लॉक विकास कार्यालय से आवेदन पत्र हासिल कर सकते हैं या इसे पश्चिम बंगाल सरकार के महिला एवं बाल विकास और सामाजिक कल्याण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं। वेबसाइट का पता भरे हुए आवेदन पत्र को आवश्यक दस्तावेजों के साथ शादी की तारीख से कम से कम 30 दिन पहले बीडीओ या नगरपालिका कार्यालय में जमा करना होता है। आवेदन की सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद शादी से पहले सहायता राशि सीधे दुल्हन के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।
लाखों परिवारों को मिला फायदा
रूपाश्री प्रकल्प योजना शुरू होने के बाद से पश्चिम बंगाल में हजारों महिलाओं को इसका लाभ मिला है। इसे सामाजिक कल्याण की दिशा में एक अहम कदम माना जाता है। जो न केवल गरीब परिवारों की आर्थिक मदद करता है। बल्कि कानूनी शादियों को भी बढ़ावा देता है।

