दिल्ली में सु​रक्षित मातृत्व अभियान लांच, कुशीनगर में बच्चे का शव लेकर भटकती रही मां

0
747

संतोष कुमार सिंह
नयी दिल्ली: जब राजधानी के पंच सितारा होटल में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे पी नड्डा अपने पूरे महकमे और गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों को साथ लिए ‘प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान’ लांच कर रहे थे, ठीक उसी वक्त राजधानी दिल्ली से लगभग 800 किलोमीटर दूर कुशीनगर की सड़कों पर एक मां अपने 5 वर्षीय बालक का शव लिए एंबुलेंस के अभाव में सड़क पर भटक रही थीं। मानो प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के शुरूआत से पहले ही जमीनी हकिकत से रूबरू करा रही हों।

kushi-nagarक्या है मामला
पडरौना विकास खंड के सेमरा हदरे गांव की निवासी गुड्डू मुसहर की पत्नी बुधिया देवी अपने पांच वर्ष के बेटे आदेश कुमार को लेकर सुबह साढ़े आठ बजे जिला अस्पताल आयी। मां की शिकायत थी कि उसके बेटे को झटके आ रहे थे। जिला अस्पतालों में जैसा कि अक्सर होता रहा है मरीज का ईलाज करने के बजाय अस्पताल कर्मी इधर—उधर टहलाते हैं। बुधिया के साथ भी यही हुआ। न तो बेटे को भर्ती किया गया और न ही उसका ईलाज। उसे यहा—वहां टहलाया जाता रहा। सुबह की आयी बुधिया के बेटे आदेश कुमार को 2 बजे के बाद कई तेज झटके आये। लेकिन किसी ने उसकी सुधी न ली। गरीब मां गुहार लगाती रही, डॉक्टर साहब देखिए, लेकिन सुनता कौन है। और जबतक सुना गया तबतक काफी देर हो चुकी थी। 4 बजे बुधिया को यह खबर दी गयी उसका बेटा नहीं रहा। बुधिया बेटे की मौत की खबर सुन अचेत हो गयी। अपनी परंपरा को दुहराते हुए जिला अस्पताल में किसी की मृत्यू होने के बात कर्मचारियों की कोशिश होती है कि पीड़ित जल्द अस्पताल छोड़ दे। बुधिया के साथ भी यही हुआ। तलाश शुरू हुई एंबुलेंस की। लेकिन एंबुलेंस नहीं मिला। ऐसे में मां क्या करती। लाचार मां के पास घर पहुंचने तक के पैसे नहीं थे, इससे वह गोदी में ही बेटे के शव को लेकर अस्पताल से घर के लिए निकल पड़ी।अचेत होती आदेश की मां और सहारा बनती उसकी सास। लगभग एक किलोमीटर ही गयी थी कि राहगिरों की नजर इस रोती बिलखती मां पर पड़ी। आपस में चंदा इकट्ठा कर टेंपो से महिला को उसके घर भिजवाया। पीड़ित मां ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में भी लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।

_88a5102यह है जमीनी हकिकत और इसी जमीनी हकिकत को ध्यान में रखकर ही सरकार को ‘प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान’ के लिए रास्ता बनाना होगा। इस अभियान के जरिए सरकार का लक्ष्य है कि निजी क्षेत्र के डॉक्टरों को साथ लेकर हर गर्भवती महिला का स्वास्थ्य जांच किया जा सकेगा। सरकार ने लक्ष्य रखा है कि ‘प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान’ देश भर में निजी प्रैक्टिस कर रहे या निजी अस्पताल में काम कर रहे डॉक्टर महीने की नौ तारीख को स्वेच्छा से अपनी मुफ्त सेवा सरकारी अस्पताल को देंगे। सरकार के इस प्रयास में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) और स्त्री रोग विशेषज्ञों के सबसे बड़े संगठन फेडरेशन ऑफ ओब्सटेटिक एंड गायनाकोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (फॉगसी) ने भी इसमें पूरा सहयोग करने का भरोसा दिलाया है। इनके भरोसे पर कितना भरोसा किया जा सकता है यह तो पंचसितारा होटल के लांचिग के बाद जमीनी हकिकत को टटोलने पर ही पता चलेगा। लेकिन सरकार इस कार्यक्रम के लांचिग के साथ ही बड़े पैमाने पर इसके प्रचार—प्रसार की तैयारी में है। इसके लिए स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को इस अभियान के लिए विशेष वेबसाइट और मोबाइल एप भी जारी किया। उन्होंने कहा कि सरकार गर्भवती महिलाओं को बेहतर सेवा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। वैसे दावा यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मन की बात कार्यक्रम में मातृत्व सुरक्षा का मसला उठाने के बाद बड़ी संख्या में डॉक्टरों ने कार्यक्रम से जुड़ने की इच्छा जताई है। निजी क्षेत्र के इच्छुक डॉक्टर वेबसाईट से जुड़कर इस अभियान को आगे बढ़ाने में मददगार हो सकते हैं।

The Union Minister for Health & Family Welfare, Shri J.P. Nadda addressing at the launch of the Pradhan Mantri Surakshit Matritva Abhiyaan (PMSMA), in New Delhi on November 04, 2016.

The Minister of State for Health & Family Welfare, Shri Faggan Singh Kulaste addressing at the launch of the Pradhan Mantri Surakshit Matritva Abhiyaan (PMSMA), in New Delhi on November 04, 2016.

बस्तर तक हो योजना की पहुंच …
छत्तिसगढ़ के बस्तर से आयीं एक महिला पत्रकार ने अपने अनुभव साझा करते हुए मंत्रालय के अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बस्तर के झीलम गांव में प्रसूती के लिए महिलाओं को आज भी बर्तन में लाया जाता है। यदि ‘प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान’ की पहुंच बस्तर के दूर दराज के गांवो तक होती है तभी समझा जाएगा कि स्वस्थ भारत का सपना पूरा हो रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here