
पंचायत खबर टोली
नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जम्मू कश्मीर में से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए राज्य की 4000 ग्राम पंचायतों का प्रतिनिधित्व करने वाले पंचायत नेताओं के शीर्ष संगठन ऑल जम्मू एंड कश्मीर पंचायत कांफ्रेंस के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। संगठन के अध्यक्ष शफीक मीर के नेतृत्व में आए इस 30 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से बातचीत में प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके एजेंडे में जम्मू कश्मीर की वृद्धि और विकास प्रमुखता से शामिल है। विशेष रूप से सरकार प्रदेश के गांवो में रह रहे बहुसंख्य आबादी के विकास के विशेष रूप से कृतसंकल्प है। राज्य के सर्वांगिण अार्थिक विकास के लिए गांवो का विकास जरूरी है।

प्रतिनिधि मंडल से मुलाकात की बाबत प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी बयान में कहा गया कि प्रतिनिधिमंडल ने असमाजिक तत्वों द्वारा स्कूलों को बंद करने की कडी निंदा करते हुए प्रधानमंत्री को राज्य में मौजूदा स्थिति से अवगत कराया।
राज्य में जल्द हो पंचायत चुनाव
जम्मू कश्मीर से आये प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि बाकी राज्यों की तरह प्रदेश में पंचायती राज व्यवस्था के ठीक तरीके से काम नहीं कर पा रही है। उन्होने मांग किया कि पंचायत और शहरी स्थानीय निकायों का चुनाव राज्य में जल्द से जल्द कराया जाए। बाकी देश की तरह पंचायतों के सशक्त नहीं होने की वजह से केंद्र की मदद का लाभ गांवों तक नहीं पहुंच पाता। अपने ज्ञापन में प्रधानमंत्री से स्थानीय निकाय से जुडे भारत के संविधान के 73वें और 74वें संशोधनों का जम्मू कश्मीर राज्य तक विस्तार करने पर विचार करने को कहा। उन्होंने कहा कि राज्य तक संवैधानिक प्रावधानों के विस्तार से ग्रामीण इलाके में बुनियादी विकास गतिविधियों के लिए पंचायतों का सशक्तिकरण होगा। साथ ही इससे राज्यों में विकास प्रक्रिया को गति मिलेगी और वहां के लोग विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों का फायदा उठा सकेंगे।
प्रधानमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार उनकी मांगों पर गौर करेगी।
