फसल नष्ट होने के 48 घंटा के अंदर दें सूचना -योजना के प्रचार-प्रसार का प्रशासन को निर्देश
पुरूषार्थ सिंह
मऊ : खरीफ मौसम में प्रदेश के अनेक जनपदों में जल प्लावन सहित अन्य कारणों से फसल नष्ट होने के कगार पर है। अनेक जगह फसल नष्ट भी हो चुकी है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जानकारी न होने की दशा में प्रदेश के हजारों किसान इसके लाभ से वंचित हैं। इस बात को उप्र शासन ने भी माना है। निदेशक कृषि सांख्यिकी एवं फसल बीमा ने सभी जिलों को निर्देश जारी किया है कि जल प्लावन, ओलावृष्टि, भू-स्खलन व कटाई आदि की दशा में फसल नष्ट होने पर दावा प्रस्तुत करने के 24 घंटों के अंदर फसल की क्षति मिलना सुनिश्चित करें। इसमें परेशानी यह है कि यह दावा कृषक को स्वयं प्रस्तुत करना है। जागरुकता के अभाव में ऐसा न होने की दशा में प्रदेश के लगभग सभी जिलों के बीमा लाभ से वंचित हैं। निदेशक ने इस दिशा में व्यापक प्रचार-प्रसार पर बल देते हुए किसानों को बीमा का लाभ दिलाए जाने की प्रतिबद्धता जताई है।
उपकृषि निदेशक डा.अाशुतोष मिश्र बताते हैं कि निदेशक फसल बीमा ने इस संदर्भ में स्पष्ट निर्देश दिया है कि क्षति की स्थिति में कृषक को 24 घंटा के अंदर बैंक अथवा बीमा कंपनी का सूचित किया जाना है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमा कंपनियों को अपने कार्य क्षेत्र के जनपदों में क्षेत्रभ्य स्तर पर ग्राम सभा, विकास खंड, तहसील व जिला स्तर पर कृषि विभाग, जिलाधिकारी, बैंक शाखाओ व बीज विक्रय केंद्र पर वाल पेंटिंगक के माध्यम से प्रचार-प्रसार करते हुए किसानों को अपनी क्षति की सूचना के लिए जागरुक करने का निर्देश दिया गया है। सूचना के एक सप्ताह के अंदर क्षतिपूर्ति राशि को खाते में भेजने का प्रावधान है। किसी भी स्थिति में किसान को 48 घंटे के अंदर अपना दावा प्रस्तुत करना आवश्यक है।
डा.मिश्र ने बताया कि कृषक अपना नाम, पंचायत, बीमित फसल, क्षति का प्रतिशत व बैंक की जानकारी उपलब्ध करानी होगी। सूचना के तुरंत बाद कंपनी द्वारा निर्धारित प्रक्षेत्र का भ्रमण व क्षति का आकलन करते हुए एक सप्ताह के अंदर धनराशि भेज दी जाएगी। इनसेट–इन नंबरों पर करें काल उपकृषि निदेशक डा.आशुतोष मिश्र बताते हैं कि पूरे प्रदेश में अमरोहा, झांसी, मुरादाबाद, गोरखपुर, शामली व श्रावस्ती में आईसीआईआई लोंबार्ड जनरल इंश्योरेंश कंपनी द्वारा बीमा किया गया है। इनका टोल फ्री नंबर 18002666 है। इन जिलों को छोड़कर शेष 69 जनपदों में एग्रीकल्चर कंपनी आफ इंडिया लिमिटेड द्वारा फसल बीमा किया गया है। इसका टोलल फ्री नंबर 18001030061 है। किसान इन नंबरों पर भी अपने फसल की क्षति की सूचना दे सकते हैं।
क्या है फसल बीमा कानून
किसानों की फसलें सुरक्षित करने और नुकसान की स्थिति में उसकी पूरी भरपाई के लिए देश भर में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू की गयी है। देश के ज्यादातर राज्यों ने इसे खरीफ 2016 के लिए लागू किया है। इस योजना में फसलों के लिए एक मौसम, एक दर का प्रावधान है। खरीफ के लिए 2 प्रतिशत, रबी के लिए 1.5 प्रतिशत और व्यावसायिक और बागवानी फसलों के लिए 5 प्रतिशत प्रीमियम तय किया गया है। योजना में बुआई से पहले और कटाई के 14 दिन बाद भी फसलों की सुरक्षा का प्रावधान है।
नुकसान की स्थिति में मुआवजे का आकलन स्मार्टफोन और ड्रोन से होता है। नुकसान के आकड़े जल्द भेजे जाते हैं और आंकड़े भेजने के हफ्ते भर के भीतर 25 प्रतिशत मुआवजे का सीधे किसान के खाते में भुगतान कर दिया जाता है। बाकी मुआवजे का भुगतान महीने भर के अंदर होता है।




