यूनीसेफ की पहल- एक मंच पर देशभर के 60 से अधिक रेडियो जाकीज को दिया प्रशिक्षण, अब रेडियो जॉकी सुदूर गांवों में नियमित टीकाकरण लगवाने के लिए जगाएंगे अलख
संतोष कुमार सिंह
भुवनेश्वर: रेडियो पर आईला..आईला ओ..लव यू ड्यूड बोल कर चीखते चिल्लाते अपने प्रभावशाली आवाज के जरिए आपका मनोरंजन करने वाले ये रेडियो जॉकी अब गांव-गांव जाकर.. टीका वाली दीदी जरा टीका लगा दे,अपनी मुनिया का स्वास्थ्य बना दे जैसे सामाजिक संदेश के जरिए टीकाकरण से होने वाले फायदे को लेकर आपसे रूबरू होंगे। बात चाहे दो बूंद जिंदगी की हो या फिर इसके जरिए आपके बच्चे को डायरिया और निमोनिया जैसे जानलेवा लेकिन टीका रक्षित बीमारियों से बचाने का लक्ष्य हो,, मिशन इंद्रधनुष के तीसरे चरण में संदेश वाहक बनेंगे ये रेडियो जॉकी जो आपको याद दिलाएंगे “भूल न जाना.. टीकाकरण जरूर कराना। “ पहुंचायेगे आपके पास, आपके गांव प्रधानमंत्री का संदेश, करेंगे उनके मन की बात।
इसी सिलसिले में यूनीसेफ ने ओड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर में दो दिवसिय कार्यशाला का आयोजन किया।, जिसमे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत अभियान को साकार करने के लिए मिशन इंद्रधनुष के तीसरे चरण ‘सम्पूर्ण टीकाकरण के विषय केंद्रित करने’ के लिए रेडियो पत्रकारों को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण में सरकारी, क्षेत्रीय और निजी रेडियो क्षेत्र के करीब 60 पत्रकारों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण के दौरान 27 राज्यों के उन 216 जिलों की स्थिति के बारे में अवगत कराया गया। इसमें ऐसे जिलों के क्षेत्रीय रेडियो जॉकीज थे जहां पर अब भी सम्पूर्ण टीकाकरण के लक्ष्य को पूरा नहीं किया जा सका है। उनकी मदद से इस लक्ष्य को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। देश में विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चल रहा है है। बावजूद इसके हर साल देश में करीब 1.2 मिलियन बच्चे अपने जीवन के 5 साल भी पूरा नहीं कर पाते हैं। इनमें से सम्पूर्ण टीकाकरण द्वारा हर साल 2.5 से 3 लाख बच्चों की जान प्रतिवर्ष बचाया जा सकता है।
हमारे सांसद और विधायक गांव गोद लेते हैं लेकिन हमारे ये प्रशिक्षित रेडियो जॉकी वैसे जिले को गोद लेगें जहां बच्चों का टीकाकरण कम है और लक्ष्य को पाने के लिए मिशन इंद्रधनुष अभियान चलाया जा रहा है। प्रशिक्षित जॉकी सर्वाधिक कम टीकाकरण वाले किसी भी एक जिले का चयन करेंगे। अलग-अलग जिलो में एक ग्राम पंचायत वीडियो अफिसर, क्षेत्रीय नेता, अधिकारी के -साथ तालमेल करेंगे। उनके बीच में जाएंगे और उनके मन को टटोलेंगे, इस बात को वे अपने क्षेत्रीय रेडियो स्टेशन के माध्यम से लाइव भी करेंगे। इसमें बच्चों और टीचर्स को शामिल किया जा सकता है।
बोले रेडियो जॉकी… हम होंगे कामयाब
जिस रेडियो प्रसारण की शक्ति का आकलन करते हुए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था कि ‘ रेडियो इज शक्ति द पावर ऑफ गॉड’और उसी माध्ययम का प्रयोग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अब मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से जन जन तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं यदि इस माध्यम के जरिए लोगों तक पहुंचने वाले रेडियो जॉकी ठान ले कि उन्हें देश में संपूर्ण टीकाकरण के लक्ष्य को पूरा करना है तो संदेश की कोई गुंजाईश ही कहां बचती है। वैसे भी कहा भी गया है हो सकता है आसमा में सुराख..एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों। यहां तो पत्थर भी नहीं उछालना अपनी क्रियेटिविटी, अपने आवाज के जरिए लोगों से जुड़ना है। उन्हें संदेश देना है, टीका करण करवाना है, बच्चों का जीवन बचाना हैं, संपूर्ण टीकाकरण के लक्ष्य को हासिल करना है।
‘एसोसिएशन ऑफ रेडियो ऑपरेटर्स फॉर इंडिया (अरोई)’ के सेक्रेरेटरी जनरल उदय चावला ने कहा कि हम यहां मौजूद सभी रेडियो जॉकीज के रेडियो पत्रकारों से अनुरोध है कि वे इस मिशन को संपूर्ण सफल बनाने में अपना हर स्तर पर सहयोग करें, समाज में लोगों में टीकाकरण के प्रति जागरुक करें। वहीँ आकाशवाणी, दूरदर्शन अंशकालिक संवाद्दाता एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय शंकर गौड ने यूनीसेफ के प्रयासों की तारीफ करते हुए कहा कि यह आयोजन मील का पत्थर साबित होगा, यहां प्रशिक्षण लेने वाले पत्रकार सामाजिक दायित्वों को ईमानदारी से पूरा करेंगे।
टेलीफोन के जरिये रेडियो पत्रकारों से रूबरू केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के डिप्टी कमीशनर डा. एमके अग्रवाल ने कहा कि अब जरूरत है कि नये, सृजनात्मक तरीका अपनाना अत्यंत जरूरी है। मिशन इंद्रधनुष के तीसरे चरण में उस लक्ष्य को हासिल करना है। मुझे पूर्ण विश्वास कि आप (रेडियो जॉकी) अपने लक्ष्य को कम समय में पूर्ण करेंगे। इस मौके पर यूनीसेफ ओड़िसा की चीफ फील्ड ऑफिसर यूमी बे ने कहा कि देश अभी भी करीब 40 सम्पूर्ण टीकाकरण से बच्चे वंचित रह जाते हैं। भूल न जाना टीकाकरण जरूर कराना, एमआई चरण तीन अपने लक्ष्य को पूरा करेगा।


