संतोष कुमार सिंह
नयी दिल्ली: बिहार में गंगा और उसकी सहयोगी नदियां उफान पर हैं। जनजीवन अस्त व्यस्त है। नदियों के बहाव क्षेत्र को पीछा छोड़ते हुए नदियों का जल शहरी एवं गांव के नीचले ईलाकों के लोगों को अपने चपेट में ले चुका है। अबतक 20 लोगों की जान जा चुकी है। इस बीच बिहार के औरंगाबाद जिला में खुदवा कलेन गांव के पास पुनपुन नदी में नाव पलट जाने से स्कूली बच्चों समेत 18 लोगो की मृत्यू हो गई है। प्रदेश के 20 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। मुख्यमंत्री नीतिश कुमार हेलीकॉप्टर द्वारा एरियल सर्वे कर बाढ़ के हालात का जायजा ले चुके है। राहत कार्यों में तेजी आये इसके लिए केंद्र सरकार ने मदद का हांथ बढ़ाया है। खुद मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने मंगलवार को प्रधानमंत्री से मुलाकात कर प्रदेश में बाढ़ के हालात की जानकारी दी। प्रधानमंत्री के साथ हुई बैठक में नीतिश कुमार ने बाढ़ के साथ सुखाड़ की समस्या का सामना कर रहे बिहार के लिए केंद्रीय सहायता की मांग की और साथ ही फरक्का के मसले पर जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री के साथ लगभग आधे घंटे तक हुई बैठक के बाद नीतिश ने एक बार फिर फरक्का बांध का मुद्दा भी उठाया है। उनके मुताबिक फरक्का बांध में काफी मात्रा में गाद जमी हुई है। जिसकी वजह से बांध का पानी बिहार के अनदुरूनी इलाकों में आ जाता है और यहां बाढ़ के हालात बन जाते हैं। नीतीश कहते हैं, “गंगा नदी में लगातार जमती गाद की वजह से उसकी गहराई बहुत कम हो गई है। राज्य के 20 जिलों में आई बाढ़ इसी का नतीजा है।” उनका कहना है कि नदी से गाद साफ करने का एकमात्र तरीका यही है कि फरक्का बांध को तोड़ दिया जाए. अगर केंद्र के पास इसके अलावा दूसरा कोई विकल्प है तो उसे तुरंत नदी से गाद की सफाई का काम शुरू कर देना चाहिए। नीतीश कुमार ने इससे पहले अंतरराज्यीय परिषद की 11वीं बैठक में 17 जुलाई को दिल्ली में फरक्का बांध को तोड़ने का मुद्दा उठाया था।
नीतिश ने मांगी मदद..केंद्र हर संभव मदद को तैयार
प्रधानमंत्री मोदी ने नीतीश कुमार को बिहार में बाढ़ से उपजी विकट हालात से निपटने के लिए केंद्र से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। केंद्र सरकार की ओर से 10 एनडीआरएफ की टीमें बिहार और उत्तर प्रदेश के बाढ़ प्रभावित इलाकों में भेजा है, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा सके। खुद गृहमंत्री राजनाथ सिंह बाढ़ प्रभावित राज्यों का जायजा ले रहे हैं। उनकी निगाहें बाढ़ प्रभावित इलाकों के हालात पर बनी हुई हैं। इस बीच नीतीश कुमार ने कहा है की बाढ़ से होने वाले नुकसान की पूरी जानकारी अभी नहीं है। जल्द ही नुकसान का पूरा आंकड़ा बताया जाएगा।
इन जिलो में ज्यादा प्रभाव
बिहार में गंगा नदी के बढ़े हुए जल स्तर और तेज जल प्रवाह के कारण इस नदी के किनारे अवस्थित जिलों बक्सर, भोजपुर, पटना, वैशाली, सारण, बेगूसराय, समस्तीपुर, लखीसराय, खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार जिलों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। पटना, वैशाली, भोजपुर और सारण जिला के दियारा क्षेत्र (नदी किनारे वाले इलाके) बाढ़ से अधिक प्रभावित हैं। बिहार राज्य में बाढ़ ने तबाही मचा रखी है। करीब पांच लाख लोग इससे प्रभावित हैं। इनमें करीब दो लाख लोग ऐसे हैं जिनका घर भी इस बाढ़ में डूब गया है। फसलें बर्बाद हुई हैं। आपदा प्रबंधन विभाग का दावा है कि बाढ़ से प्रभावित सभी जिलों में राहत और बचाव कार्य जारी है। पटना स्थित बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक, राज्य में गंगा, पुनपुन, गंडक और सोन नदी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

