आलोक रंजन, युवा पत्रकार
बनारस: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सांसद आदर्श ग्राम योजना के प्रति काफी गंभीर है। पहले जयापुर और अब उन्होंने अब नागेपुर को आदर्श गांव बनाने का फैसला लिया है। ये दोनों गांव मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस के आराजी लाइन ब्लाक के हैं। आराजी लाइन ब्लाक का यह दूसरा गांव होगा जिसे पीएम गोद लेकर संवारेंगे।इससे पहले इसी ब्लाक के जयापुर गांव को मोदी ने सात नवंबर 2014 को गोद लिया था। जयापुर का एक साल में कायाकल्प हो चुका है। अब सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत मोदी सेवापुरी विधानसभा के अपने दूसरे गांव नागेपुर की किस्मत चमकाएंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस बाबत सूचना स्थानीय प्रशासन को दे दी है, जिसके बाद आला अधिकारी सक्रिय हो गये हैं। नागेपुर गांव के चयन की सूचना शनिवार की शाम सीडीओ विशाख जी को प्रधानमंत्री कार्यालय से प्राप्त हुई। सीडीओ ने बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय के उपसचिव मयूर माहेश्वरी का पत्र आया है।पत्र में 20 मार्च तक नागेपुर गांव का विलेज डेवलपमेंट प्लान मांगा गया है। प्लान के लिए सभी विभागों को पत्र भेजकर अवगत करा दिया गया है। बताया कि रविवार से नागेपुर गांव में सर्वे का काम शुरू हो जाएगा। गांव के विकास के लिए विभागवार योजना बनाकर उसे प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजा जाएगा।
क्या है वर्तमान स्थिति
नागेपुर के ग्राम प्रधान पारसनाथ राजभर कहते हैं कि गांव में न तो सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मुहैया है और न ही बारिश के पानी की निकासी की मुकम्मल व्यवस्था। लोहिया गांव के रूप में चयनित होने के बाद सड़कों की दशा से तो सुधरी मगर पानी की समस्या यथावत है। उम्मीद है प्रधानमंत्री मोदी जी जयापुर की तरह नागेपुर का भी कायाकल्प कर देंगे।
नागेपुर में इस गांव की महिलाओं ने ‘बीज बैंक’ खोला है।
क्या कहती हैं बैंक संस्थापक अनीता –
इस बैंक का सदस्य बनकर कोई भी किसान बीज के बदले बीज ले सकता है। – फसल तैयार होने पर भी किसान बीज के बदले बीज दे सकता है। – बैंक में भारतीय देशी प्रजाति के सभी फल, सब्जी, अनाज, दलहनी और तिलहनी के बीज हैं। – 12 से ऊपर गांव की महिलाएं ही इसे चलाती हैं। – 100 से ऊपर किसान इसका लाभ उठा रहे हैं।
किसानों को दिए जाते हैं टिप्स
मंजिता (बीज बैंक के प्रबंधक) ने बताया कि यहां से केवल बीज नहीं मिलते हैं, बल्कि खेती के लिए किसानों को टिप्स भी दिए जाते हैं। किसानों को हाइब्रिड, नपुंसक बीजों, रासायनिक दवाओं और रासायनिक उर्वरकों से खेत, पानी और स्वास्थ्य पर पड़ रहे बुरे प्रभाव के प्रति भी जागरूक किया जाता है। इसके साथ ही किसानों को जैविक और प्राकृतिक जैसी कम लागत वाली खेती करने के लिए भी मोटिवेट किया जाता है। किसान सिताऊ ने बताया कि जो बीज बाजार से महंगे दामों पर खरीदते थे, इस बैंक के माध्यम से उन्हें आसानी से मिलेगा। पैसे की जगह बीज से उनकी आर्थिक स्थिति ठीक होगी। इससे खेती को नया आयाम मिल रहा है।
पिछले साल लोहिया ग्राम में चयनित था नागेपुर
जयापुर से लगभग दस किलोमीटर दूर है नागेपुर। यह गांव मेहंदीगंज के पास है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा नागेपुर गांव को गोद लेना महज इत्तेफाक नहीं बल्कि इसकी तैयारी दो महीने से चल रही थी। पिछले हफ्ते प्रदेश भाजपा के सह प्रभारी सुनील ओझा और गुजरात के सांसद सीआर पाटिल ने स्थानीय नेताओं के साथ इस गांव का दौरा कर यहां की स्थिति का जायजा लिया था। ऐसा माना जा रहा है कि भाजपा नेताओं की रिपोर्ट के बाद ही पीएम ने इस गांव को गोद लेने की स्वीकृति दी है।
गांव के पास में ही एक शीतलपेय कंपनी का प्लांट होने की वजह से यह पूरा इलाका डार्क जोन में तब्दील है। भूजल स्तर काफी नीचे चले जाने की वजह से सिंचाई के लिए भी खेतों को पानी नहीं मिल पा रहा है। हालांकि पिछले साल लोहिया ग्राम योजना में चयनित होने की वजह से गांव में विकास के कई काम हुए हैं। इस गांव में राजभर और कुर्मी बिरादरी के लोगों की बहुलता है ।
नागेपुर गांव में विकास की स्थिती
आबादी – 5000, प्राइमरी स्कूल- 1, हास्पिटल- 0, शौचालय- 35 प्रतिशत घरों में। बिजली- पूरे गांव में नहीं है। 80 प्रतिशत आबादी पिछड़ी है, सड़कें काफी खराब है।
संवारा जयापुर, अब संवरेगा नागेपुर
मोदी ने इससे पहले वाराणसी के गांव जयापुर को गोद लिया था। गांव जयापुर को गोद लेने के बाद वहां विकास के कम तेजी से हुए हैं। इसलिए नागेपुर के ग्रामीणों को उम्मीद है की प्रधान मंत्री द्वारा गोद लिए जाने के बाद यह गाँव भी विकास के रस्ते तेजी से कदम बढ़ा सकेगा।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने सांसद आदर्श ग्राम योजना की शुरुआत जयप्रकाश नारायण के जन्मदिन पर 11 अक्तूबर 2014 को नई दिल्ली में की थी। इसके तहत देश का हर सांसद एक गांव गोद लेगा। जहां पर विकास और निर्माण कार्य में अहम भूमिका निभाएगा। इसके लिए कोई अलग से बजट का प्राविधान नहीं है। सरकार की योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से कराना प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री ने खुद सबसे पहले इस योजना के तहत जयापुर गांव गोद लिया था। जिसके बाद कई सांसदों ने गांव को गो लिया है। बहरहाल देखने वाली बात यह है कि इस गांव की तस्वीर कितनी बदलती है।
नन्दलाल मास्टर का गाँव है नागेपुर
नागेपुर को भले ही मोदी के आदर्श गांव जयापुर के बाद दूसरा गांव घोषित किये जाने पर पहचान मिली हो लेकिन नागेपुर की एक और पहचान है वो है नंदलाल मास्टर। जिन्होंने इस गांव को आगे लाने में अहम भूमिका निभाई है। १० जनवरी को टी वी चैनल स्टार प्लस पर टी वी शो “आज की रात है जिंदगी” में वाराणसी के नन्दलाल मास्टर की कहानी दिखायी गयी थी। इस शो की मेजबानी बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन द्वारा किया गया।
(अगली कड़ी..नंदलाल मास्टर और नागेपुर)



