आलोक रंजन
सिद्धार्थ नगर: कोरोना महामारी के इस दौर में सबसे ज्यादा प्रभावित यदि कोई हुआ है तो वो हैं गांव। गांव का लड़का शहर में कामकाज करता,लेकिन शहर में काम काज ठप। ऐसे में क्या हो, तो वह चल पड़ा गांव के रास्ते। गांव पहुंचा तो खतरा उत्पन्न हो गया कि कहीं गांव में संक्रमण न फैले। ऐसे में पंचायत प्रतिनिधियों की जवाबदेही बढ़ गई। उन्हें जिम्मा दिया गया कि पंचायतों में क्वारंटीन सेंटर बनाया जाये और बाहर से लौटने वाले सभी लोगों को क्वारंटीन पीरियड के बाद ही गांव जाने की इजाजत हो। स्वाभाविक था कुछ पंचायतें और उसके सजग प्रतिनिधि यदि समस्या के प्रति सजग रहे तो वो गांव इस आफत काल में भी अपने गांव के लोगों के लिए समर्पित रहा। ऐसा ही एक पंचायत है उत्तर प्रदेश का सिद्धार्थ नगर जिले का बर्डपुर प्रखंड का पिपरसन पंचायत जहां के ग्राम प्रधान ई सर्वेश जायसवाल अपने ग्राम पंचायत पिपरसन में अपने 4 वर्ष के कार्यकाल में गांव की परिदृश्य को परिवर्तित करने में लगे हुए हैं।

इस कोरोना महामारी के दौर में भी वे सतत रूप से बाहर से गांव आने वाले प्रवासियों की बेहतरी के काम में लगे हुए है। लगातार शाषन प्रशासन से मिलकर बाहर से गांव लौटे ग्रामीणों को कोई असुविधा न हो इस काम में जुटे हुए है। देश के विभिन्न राज्यों से जनपद में आये हुए प्रवासी मजदूरों को सरकार द्वारा राहत सामग्री का वितरण किया जा रहा है जिसके तहत आज ग्राम पंचायत पिपरसन में ग्राम प्रधान ई सर्वेश जायसवाल व लेखपाल सोनू शुक्ला ने 48 लोगों को राहत सामग्री वितरित किया। जिसमें चावल, आलू, सरसो का तेल, चना, आटा, नमक, हल्दी , दाल एवं सभी प्रवासियों के खाते में 1-1 हजार रुपये सरकार द्वारा भेजी जाएगी।

ग्राम प्रधान सर्वेश जायसवाल ने बताया कि जिस तरह देश मे इस महामारी की संकट में तमाम मजदूरों को अपनी रोजी रोटी छोड़कर आने के बाद अपने घर वालो का जीवन यापन करने में समस्या आ रही है सरकार द्वारा यह प्रयास बहुत ही सराहनीय है सरकार द्वारा दी गयी 1-1 हजार रुपये की धनराशी सभी प्रवासियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित होगी। जिन ग्रामीणों को राशन वितरित किया गया उनमें राजकुमार, सोने, विष्णु, कलप विष्णु, नियाज़, रामानंद, केशरी, आदि लोग शामिल थे।
उल्लेखनीय है कि सर्वेश जायसवाल प्रदेश के उन ग्राम प्रधानों में शामिल हैं जो सतत रूप से अपने पंचायत के विकास में सक्रियता से योगदान दे रहे हैं। अब तक के लगभग 4 वर्षों से ज्यादा के कार्यकाल में सर्वेश स्वास्थ्य,शिक्षा, परिवहन एवम सड़क निर्माण, स्वरोजगार, पार्क का सुंदरीकरण , तालाब का सौंदयिकरण, गांव में तकनीकी करण व डिजिटलाइजेशन से गांव में हर श्रेणी से नवीनीकरण करने की कोशिश के काम में जुटे हुए हैं।