सलाहकार समितियों के नियंत्रण में होगी पंचायती राज संस्थाएं, फैसले का विरोध करेंगे वामपंथी दल

अमरनाथ झा

बिहार में कोरोना के दूसरी लहर के कारण पंचायत चुनाव समय पर नहीं हो पाये। ऐसे में बि​हार सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं को सलाहकार समितियों के हवाले कर दिया है। ऐसा पंचायती राज अधिनियम में संशोधन के ​कैबिनेट के फैसले पर राज्यपाल से मिली आनन फानन में सहमती के बाद किया गया। उल्लेखनीय है कि पंचायती राज संस्थानों के चुनाव समय पर नहीं हो पाने की वजह से पंचायती राज अधिनियम में संशोधन आवश्यक हो गया था।                                                                                                             ….सलाहकार समितियों
उम्मीद ये की जा रही थी सरकार सहयोगी दलों के सुझाव के मुताबिक वर्तमान प्रतिनिधियों के कार्यकाल विस्तार का फैसला लेगी। पर इस संशोधन के माध्यम से निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यकाल बढ़ाने से बिहार सरकार मुकर गई। उसने पंचायती राज संस्थानों का संचालन सलाहकार समितियों के जरिए करने का प्रावधान किया है जिसे परोक्ष तरीके से अफसर-राज को कायम करने के रूप में देखा जा रहा है। बिहार के पंचायती राज संस्थानों का कार्यकाल 15 जून को पूरा हो रहा है। निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यकाल पूरा हो जाने से उस दिन सभी पंचायती संस्थाएं भंग हो जाएगी। अगर पंचायती राज अधिनियम में संशोधन कर निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यकाल नहीं बढ़ाया जाता तो पंचायतों में अपने आप बीडीओ राज कायम हो जाता। इसलिए संशोधन की मांग हो रही थी।       ….सलाहकार समितियों


सहयोगी दलों ने की प्रशंसा, विपक्ष ने लिया आड़े
विभिन्न राजनीतिक पार्टियां और मुखिया, पंच, सरपंच संगठनों ने इसका विरोध किया है। जबकि सत्ताधारी जदयू व भाजपा नेताओं ने इस नायाब सूझ के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रशंसा की झड़ी लगा दी है।
विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने साफ शब्दों में निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यकाल बढाने के लिए अधिनियम में संशोधन करने की मांग की थी। भाकपा,माले ने यह मांग लेकर राज्यभर में मांग दिवस मनाया था। पर इसका नीतीश सरकार पर इतना ही असर पड़ा कि वह सीधे-सीधे अफसर राज थोपने से बचने का रास्ता निकाला। पर पंचायती राज अधिनियम में इस संशोधन का यह असर भी होगा कि भविष्य में भी कभी समय पर चुनाव नहीं हो सके तो निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यकाल बढाने का रास्ता बंद हो गया।
जारी हुआ अध्यादेश, कहा कम.. छुपाया ज्यादा
उक्त संशोधन के लिए राज्यपाल की ओर से अध्यादेश जारी हो गया है। पर उसमें यह साफ नहीं है कि जिन सलाहकार समितियों के जिम्मे पंचायती राज संस्थानों के कामकाज का जिम्मा होगा, उनकी संरचना कैसी होगी। भाजपा और जदयू नेताओं के बयानों में यह जरूर बताया जा रहा है कि इन समितियों में निवर्तमान पंचायत प्रतिनिधियों को भी रखा जाएगा। पर इन प्रतिनिधियों और सरकारी अफसरों का अनुपात क्या होगा, यह बड़ा प्रश्न है। सलाहकार समिति का गठन सरकार को करना है। अध्यादेश में इतना ही उल्लेख है।  ….सलाहकार समितियों


मुख्यमंत्री के सुझाव से बनी बात
सरकार के अंदरुनी हलके से मिली जानकारी के अनुसार सरकार की सहयोगी दल भाजपा पंचायतों के कार्यकाल को बढ़ाने के पक्ष में थी। इसके कई नेता तो खुलकर इसकी मांग कर चुके थे। जिसमें पटना के सांसद रामकृपाल यादव औऱ एमएलसी रजनीश कुमार भी शामिल है। कल कैबिनेट की बैठक के पहले भाजपा नेताओं ने आपस में बैठक की। करीब तीन घंटे चली बैठक में तय हुआ कि कार्यकाल बढाने की बात जोरदार तरीके से रखी जाए। कैबिनेट में भी इस मुद्दे पर लंबा विचार विमर्श चला। लेकिन अंत में मुख्यमंत्री ने सलाहकार समिति का सुझाव रखा जिसमें निवर्तमान प्रतिनिधियों को भी रखा जाएगा। इस प्रस्ताव पर सभी सहमत हो गए। साथ ही साथ प्रस्ताव राज्यपाल के पास भेज दिया गया ताकि अध्यादेश जारी हो सके। अध्यादेश की गजट अधिसूचना भी फौरन हो गई। इसके अनुसार पंचायती राज अधिनियम की धारा-14,39(1),66(1) और 92 में संशोधन किया गया है। और उप-धाराएं जोड़ी गई हैं। …सलाहकार समितियों
अध्यादेश के खिलाफ वामपंथी सड़क पर

भाकपा, माले ने सरकार के इस फैसले की कड़ी आलोचना की है। राज्य सचिव कुणाल ने कहा कि सरकार ने जनता की मांग को अनसुना कर दिया। जन-प्रतिनिधियों की भूमिका कम किए जाने के किलाफ 3 जून को राज्य भर में प्रतिरोध होगा। यही नहीं, बिहार राज्य पंच-सरपंच संघ के अध्यक्ष अमोद कुमार निराला ने कहा कि सलाहकार समिति के माध्यम से पंचायतों की चाभी प्रशासनिक अधिकारियों के पास होगी। इस फैसले के खिलाफ पंचायत प्रतिनिधि अपने अपने क्षेत्र में चरणबध्द ढंग से कलम बंद आंदोलन चलाएगे। उन्होंने याद दिलाया कि आपातकाल के समय भी लोकसभा सदस्यों के कार्यकाल में विस्तार मिला था।            …सलाहकार समितियों

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *