अमरनाथ
पंचायत चुनाव की मतगणना जारी है, प्रखंड स्तर पर सभी पंचायतों की मतपेटियों के एक एक कर खुलने से गणना की गति धीमी होना स्वाभाविक है। फिर भी धीरे-धीरे गणना के परिणाम भी आने लगे हैं। परिणाम की घोषणा होने पर शोरगुल, नारेबाजी और हंगामा कुछ देर चलता है, फिर प्रतीक्षा आरंभ हो जाती है। पूरे राज्य में अभी तीन-चार हजार पंचायतों के परिणाम आए होंगे। इस बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों के शपथ ग्रहण के तारीखों की घोषणा कर दी है और स्पष्ट किया है कि परिणामों की घोषणा के 90 दिनों के भीतर शपथ ग्रहण नहीं करने वाले प्रतिनिधियों के निर्वाचन को स्वतः रद्द माना जाएगा।
आयोग ने कहा है कि परिणाम की घोषणा होने के बाद पंचायत सदस्य, ग्राम कचहरी का सदस्य, मुखिया और सरपंच किसी ऐसे व्यक्ति के सामने शपथ लेगा और प्रतिज्ञान करेगा जिसे राज्य निर्वाचन आयोग ने इस काम के लिए नियुक्त किया हो। शपथ ग्रहण करने और प्रतिज्ञान करने के बाद निर्वाचित सदस्य उसपर हस्ताक्षर करेगा। यदि कोई निर्वाचित प्रतिनिधि शपथ लेने या प्रतिज्ञान करने से इनकार करेगा तो वह पद तत्काल रिक्त माना जाएगा। शपथ ग्रहण की तारीख जिलावार निर्धारित की गई है। इसकी शुरूआत शिवहर जिले से हुई है।
मतगणना प्रखंड मुख्यालयों पर केन्द्रीकृत ढंग से चल रही है। प्रखंड में शामिल पंचायतों की संख्या और उनकी संख्या के अनुसार मतगणना में समय लग रहा है। प्रत्याशियों के समर्थक मतगणना केन्द्रों के बाहर परिणाम आने का इंतजार करते देखे जा रहे है। जिस पंचायत का परिणाम आ जाता है, तो संबंधित विजयी उम्मीदवार के चेहरे पर खुशी छा जाती है। नारे और गाजे-बाजे के साथ जुलूस भी निकलते देखे जा रहे हैं। पराजित उम्मीदवार अपने समर्थकों के साथ उसी भीड में कहीं छिप जाते हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत समिति के अध्यक्ष और जिला परिषद के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के निर्वाचन का कार्यक्रम भी घोषित कर दिया है। प्रखंड प्रमुख, उप-प्रमुख, जिला परिषद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का निर्वाचन 10 जून से आरंभ होगा। 30 जून तक सभी जिलों में प्रखंड प्रमुख, उपप्रमुख और जिला परिषद के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के चुनाव संपन्न करा लिए जाएंगे। परिणामों की घोषणा के तीन महीने के भीतर सभी प्रत्याशियों को चुनाव खर्च का विवरण भी सक्षम पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। ऐसा नहीं करने वालों के खिलाफ आयोग कार्रवाई करेगा।


