बिहार पंचायत चुनाव (Bihar Panchayat Chunav 2021)…हैलो, हैलो… सर, हम इस बार मुखिया का चुनाव लड़ेंगे!

कमलेश कुमार सिंह , रोविंग एडिटर

पटना: बिहार पंचायत चुनाव (Bihar Panchayat Chunav 2021) से पहले प्रत्याशियों में गजब हलचल है। भांती-भांती के संशय हैं और इन संशयों के बीच बस एक ही आवाज सुनने को मिल रही है..हैलो, हैलो… सर, हम इस बार मुखिया का चुनाव लड़ेंगे! हमको दुगो से ज्यादा बच्चा है। तो क्या हम चुनाव लड़ पाएंगे? सुने हैं, दुगो से ज्यादा बच्चों वालों को इस बार पंचायत चुनाव में खड़ा नहीं हो सकता है।

बिहार पंचायत चुनाव (Bihar Panchayat Chunav 2021) के मद्देनजर राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा आम लोगों के पूछताछ व शिकायत निवारण के लिए उपलब्ध कराये गये फोन नंबरों पर ऐसे ही सवालों की झड़ी लगी है। दरअसल, बिहार में पंचायत चुनाव (Bihar Panchayat Chunav 2021) पंचायत चुनाव के संभावित उम्मीदवार वायरल हो रहे एक अफवाह संदेश से खासे परेशान हैं। यू-ट्यूब, वाट्सऐप, फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम ग्रुप के अलावा विभिन्न वेबसाइटों पर तेजी से अफवाह वायरल हो रहा है कि दो से अधिक बच्चे वाले माता-पिता चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। जबकि पंचायती राज कानून-2006 में कहीं भी बच्चा शब्द का जिक्र नहीं है, फिर भी अफवाह है कि दो से अधिक संतान वाले चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। सरकार का दावा है कि यह कोरी अफवाह है। पंचायती राज नियमावली में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है और न ही सरकार इसमें कोई संशोधन करने जा रही है। फिर भी स्थिति यह है कि प्रखंड, अनुमंडल, जिला पंचायती राज अधिकारी कार्यालय, जिलाधिकारी कार्यालय से लेकर राज्य निर्वाचन आयोग और पंचायती राज विभाग से पूछताछ करने वालों की लगातार बढ़ रही संख्या से अधिकारियों से कर्मियों की दुश्वारियां बढ़ी हुई हैं।

यानी दो से अधिक बच्चों वाला व्यक्ति भी मुखिया, सरपंच का चुनाव लड़ सकता है। बिहार में पंचायत चुनाव 2021 (Bihar Panchayat Chunav 2021) में टू चाइल्ड पॉलिसी लागू होगा या नहीं, इस सवाल के जवाब में पंचायती राज विभाग के अपर सचिव अमृत लाल मीणा ने कहा कि पंचायती राज अधिनियम में फिलहाल बदलाव करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव नहीं आने की वजह से मौजूदा अधिनियम के तहत ही चुनाव कराया जाएगा। पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव ने चुनाव लड़ने वाले सभी प्रत्याशियों को भी भ्रम में ना आने की सलाह दी है। सरकार ने बता दिया है कि 2 से ज्यादा बच्चों के माता-पिता भी चुनाव लड़ सकते हैं। अफवाह पर ध्यान मत दीजिए, आपनी चुनावी तैयारी पर पूरा जोर लगाइए। पंचायती राज नियमावली में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है और ना ही सरकार इसमें कोई संशोधन करने जा रही है।
आयोग कार्यालय में चुनाव के दरम्यान नामांकन पत्र दाखिल किए जाने या प्रस्तावक बनने के लिए चरित्र प्रमाण पत्र की आवश्यकता को लेकर भी जानकारी मांगी जा रही है। जबकि आयोग ने पूर्व में ही स्पष्ट कर दिया है कि पंचायत चुनाव में चरित्र प्रमाण पत्र की कोई आवश्यकता नहीं है।

आयोग ने बिहार में पंचायत चुनाव (Bihar Panchayat Chunav 2021) के लिए विभिन्न पदों के उम्मीदवार बनने के लिए योग्यता का निर्धारण किया है। इसमें भ्रष्टाचार के दोषी, चुनाव से जुड़े किसी कानून के तहत अगर उम्मीदवार को पहले अयोग्य घोषित किया गया हो, मानसिक रुप से विकृत व्यक्ति, 21 साल से कम उम्र वाले व्यक्ति, केंद्र या राज्य सरकारों अथवा किसी स्थानीय प्राधिकार की नौकरी करने वाले व्यक्ति, कदाचार के मामले में नौकरी से पदमुक्त व्यक्ति, आपराधिक मामले में छह माह से अधिक की सजा पाने वाले व्यक्ति तथा पंचायत में वैतनिक या लाभ के भोगी को चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित किया गया है।
सबसे बड़ी आफत तो नल जल योजना में भ्रष्टाचार कर माल बनाने वाले काम समय पर न करने वाले मुखिया जी को लेकर है। बिहार में पंचायत चुनाव (Bihar Panchayat Chunav 2021) से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की महत्वाकांक्षी सात निश्चय योजना के तहत हर घर नल-जल योजन में गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। मुखिया जी के चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध है और मुखिया जी की सांस अटकी हुई है कि चुनाव लड़ भी पायेंगे या लाईन हाजिर होकर जेल की रोटी खानी पड़ेगी।

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