अमरनाथ
त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थानों के दस चरणों में हुए मतदान का मतगणना कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आज होगी। मतगणना के परिणाम जानने के लिए गांव-गांव के लोग उत्सुक हैं। कौन विजयी होगा और कौन परास्त, इसकी चर्चा गांवों के चौक चोराहों पर चल रही है। गांवों के निवासी अभी इसी चर्चा में मशगुल हैं। कुछ जगहों पर तो लोगों ने मतदान के रुख के अनुसार जीत-हार के अपने आकलन को सही मानकर जीत का जष्न और हार का मातम भी मनाना शुरू कर दिया है। मतगणना प्रखंड मुख्यालयों में होनी है। वहां तैयारी पूरी कर ली गई है। सुरक्षा की कडी व्यवस्था की गई है। कम अंतर से जीत-हार की स्थिति में विभिन्न गुटों में झडप होने की संभावना रहती है।
पंचायत चुनाव में मतगणना का ढंग भी अन्य चुनावों से अलग होगा। अव्वल तो इन चुनावों में मतपत्रों की गिनती होनी है। पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनावों में इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन से वांट डाले गए थे। इसलिए मतगणना में वोटिंग मशीन में एक खास की दबाने से विभिन्न उम्मीदवारों को मिले वोटो का कुल जोड पता चल जाता है। जबकि पंचायत चुनावों में वोट मतपत्रों पर दिए गए हैं। मतपत्रों को छांटना, उन्हें प्रत्याशियों के अनुसार रखना, फिर गिनती करना-इस गणना की प्रक्रिया लंबी होगी। गडबडी की संभावना अधिक होगी, इसलिए हंगामे भी होंगे। निर्वाचन आयोग ने शाति व्यवस्था बनाए रखने और मतगणना की निष्पक्षता के लिहाज से कई इंतजाम किए हैं।
मतगणना एजेंटों का नाम पहले से तय नहीं होगा, उनका चयन रेंडम तरीके से किया जाएगा। पहले से यह नहीं बताया जाएगा कि कौन सा मतगणना एजेंट किस मतगणना केन्द्र पर तैनात होगा। रेंडम चयन की जिम्मेवारी एनआईसी को दी गई है। जिसप्रकार चुनाव कार्य का संचालन करने के लिए मतदान कर्मियों का चयन किया गया, उसी प्रकार मतदान एजेंट तैनात किए जाएगे।
राज्य निर्वाचन आयोग ने मतगणना के दौरान निर्वाचन अधिकारियों की सहायता के लिए बैंककर्मी और तकनीकी कर्मियों को तैनात करने का निर्देश दिया है। आयोग ने कहा है कि किसी भी परिस्थिति में संबंधित अंचल, प्रखंड कार्यालय के कर्मचारी या इनसे संबंद्ध कार्यालयों के कर्मचारियों को इस कार्य में नहीं रखा जाएगा। आयोग ने मतगणना के संबंध में प्रत्याशियों की शिकायतों व मतगणना मे हेराफेरी की आशंकाओं के मद्देनजर यह निर्देश दिया है। आयोग के सचिव दुर्गेष नंदन ने सभी जिला निर्वाची पदाधिकारियों से अनुरोध किया है कि मतगणना के दौरान कैटरिंग या इस तरह के दूसरे कार्यो में सहायता करने के लिए उस प्रखंड या अंचल के कर्मचारी को लगाया जा सकता है बशर्ते वह विवादास्पद नहीं हो। लेकिन ऐसे कर्मी मतगणना कक्ष में प्रवेश नहीं करेंगे।
आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि अगर कोई सहायक निर्वाची पदाधिकारी एक ही पद पर लंबे समय से पदस्थापित है तो उन्हें दूसरे प्रखंड में तैनात किया जाए। साथ ही जिन पदों के लिए मतगणना समाप्त हो जाएगी और परिणाम घोषित कर दिए जाएगे, उन पदों के प्रत्याशियों व उनके चुनाव एजेंट व मतगणना एजेंट को कक्ष से बाहर जाने के लिए कहा जाए। जिन पदों की मतगणना समाप्त नहीं हुई हो, उन्हें कक्ष से बाहर जाने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।
आयोग ने कहा है कि अगर कोई प्रत्याशी पुनर्मतगणना के लिए आवेदन देता है तो उसे अवश्य लिया जाए और प्राप्ति रसीद दी जाए। अस्वीकार किए जाने की स्थिति में आयोग जांच के बाद उन पदाधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा।

