नई दिल्ली: चिकित्सा के क्षेत्र में वर्ष 2023 के लिए नोबेल पुरस्कार की घोषणा हो गई है। हंगरी मूल की अमेरिकी नागरिक कैटलिन कारिको और अमेरिका विज्ञानी बाइसमैन की संयुक्त रूप से इस वर्ष का नोबेल पुरस्कार दिया जाएगा।
यह दोनों वही विज्ञानी हैं जिनके शोध से एमआरएनए वैक्सीन की राह आसान हुई। एमआरएनए तकनीक से कोरोना रोधी टीका बनाया गया। इन तकनीक का उपयोग भविष्य में अन्य वैक्सीन के विकास में किया जा सकता है। नोबेल पुरस्कारों का फैसला करने वाली समिति ने दोनों विज्ञानियों के कार्य को असाधारण बताया है। कहा कि कैटलिन कारिको और डू इसमैन को आधुनिक समय में मानव स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़े खतरों में से एक के दौरान टीका विकास में असाधारण योगदान के लिए पुरस्कृत किया जा रहा है। समिति ने कहा, दोनों विज्ञानियों के आश्चर्यजनक निष्कर्षों ने मौलिक रूप से हमारी समझ को बदल दिया है कि एमआरएनए हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली के साथ कैसे संपर्क करता है। परंपरागत रूप से टीका बनाने के लिए वायरस या वायरस के हिस्सों को विकसित करने की जरूरत होती है और फिर वैक्सीन के अगले चरण से पहले उन्हें शुद्ध करना होता है। एमआरएनए तकनीक पारंपरिक टीकों से अलग है।
जब हमारे शरीर पर कोई वायरस या बैक्टीरिया हमला करता है, तो यह तकनीक उस वायरस से लड़ने के लिए हमारी कोशिकाओं को प्रोटीन बनाने का संदेश भेजती है, यही इसकी सबसे बड़ी खासियत है। इससे प्रतिरोधक तंत्र को जो जरूरी प्रोटीन चाहिए वह मिल जाता है। ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी आफ ईस्ट एंग्लिया में मेडिसिन के प्रोफेसर डा. पाल हंटर ने एमआरएनए टीकों को कोरोना वायरस की रोकथाम में मदद करने वाला बताया। उन्होंने लाखों लोगों की जान बचाने का श्रेय इन टीकों को दिया।उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी की रफ्तार कम करने में वैक्सीन का निर्माण एक अहम मोड़ था। एमआरएनए तकनीक से बने टीके अन्य वैक्सीन से कहीं बेहतर थे। ब्रिटेन में मुख्य रूप से एस्ट्रोजेनेका वैक्सीन का उपयोग किया गया। कैटलिन चिकित्सा के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाली 13वीं महिला हैं।
वह बायोएनटेक में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट थीं। महामारी के दौरान बायोएनटेक ने भी फाइजर के साथ मिलकर कोरोना रोधी टीका बनाया था। कौरोना महामारी से पहले एमआरएनए तकनीक से जीका, इन्फ्लुएंजा और रैबीज के टीके बनाए जा रहे थे।
2023 नोबेल पुरस्कार की घोषणा
इस साल के नोबेल पुरस्कार की घोषणा 2-9 अक्टूबर को होगी। सभी घोषणाएँ nobelprize.org पर लाइव स्ट्रीम की जाएंगी।
नोबेल पुरस्कार के आधिकारिक घोषणा की समय सारणी-
शरीर विज्ञान या चिकित्सा – सोमवार, 2 अक्टूबर, 11:30 सीईएसटी
भौतिकी – मंगलवार, 3 अक्टूबर, 11:45 सीईएसटी यथाशीघ्र
रसायन विज्ञान – बुधवार, 4 अक्टूबर, 11:45 सीईएसटी यथाशीघ्र
साहित्य – गुरुवार, 5 अक्टूबर, 13:00 सीईएसटी
शांति – शुक्रवार, 6 अक्टूबर, 11:00 सीईएसटी
सभी पुरस्कार घोषणाओं को nobelprize.org और नोबेल पुरस्कार के आधिकारिक डिजिटल चैनलों पर लाइव स्ट्रीम किया जाएगा। पुरस्कारों के बारे में विस्तृत जानकारी nobelprize.org पर प्रकाशित की जाएगी।
