पूजा
देश में सब्जी उत्पादक किसानों की चुनौतियां बड़ी हैं। कभी नफा तो ज्यादातर नुकसान। कुछ इसी तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हरियाणा के पत्ता गोभी उत्पादक किसानों को पत्ता गोभी की कीमतों में भारी गिरावट आने से प्रदेश के सब्जी उत्पादक किसान काफी निराश है। जो गोभी एक महीने पहले 30 रुपए से 40 रुपए किलो के हिसाब से बाजारों में बिक रही थी। अब वही गोभी 20 से 25 रुपए थोक में बिक रही है। ऐसे में मूल्यों में भारी गिरावट आई है। जिस कराण किसान काफी परेशान है। मुनाफे की बात कौन करे उनकी लागत भी नहीं निकल पा रही है।
क्या कहते हैं किसान
पट्टे पर खेत लेकर खेती किसानी करने वाले किसानों का कहना है कि उनके पास अपनी जमीन नहीं है। किसी ने पांच बीघा खेत लेकर खेती की है तो किसी ने 10 बीघा। इसके बाद खेत को तैयार करने के लिए चार बार जुताई करनी पड़ती है। जिससे अच्छी फसल हो सके। पत्ता गोभी की खेती करना आसान नहीं है। इसकी देखभाल में काफी मेहनत लगती है। एक फसल तैयार करने में तीन से चार महीने लगते है। इस दौरान खेत की तीन बार सिंचाई करनी पड़ती है। इसके अलावा खेतों में खाद, बीज, दवाइयों और मजदूरी पर भी अच्छा-खासा खर्च आता है। कुल मिलाकर एक फसल पर करीब 30,000 रुपये की लागत आ जाती है।
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मंडी में दाम गिरने से किसान हुए परेशान
मंडी में पत्ता गोभी के दाम बहुत गिर रहे हैं। इस समय मंडी में पत्ता गोभी सिर्फ 2 से 3 रुपये प्रति किलो बिक रही है। इतने कम दाम में हमें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। अगर रेट 10 से 12 रुपये किलो मिले तो हमें कुछ मुनाफा हो सकता है। लेकिन अभी तो लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है।
किसान सरकार से कर रहे मांग
हरियाणा के कई किसान इस समस्या से जूझ रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार को किसानों की मदद करनी चाहिए। ताकि उन्हें उनकी मेहनत का सही दाम मिल सके। अगर मंडी में सब्जियों के रेट ऐसे ही गिरते रहे तो किसानों के लिए खेती करना मुश्किल हो जाएगा। और वे दूसरे कामों की ओर रुख करने को मजबूर हो जाएंगे।


