पटना: नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में एनडीए की नयी सरकार ने आकार ले लिया है। मंत्रिमंडल की पहली बैठक में 23 से विधानमंडल का सत्र आहूत करने पर मुहर लगी। राज्यपाल के अभिभाषण का प्रारूप तय करने को मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया। इसके बाद मंत्रियों के विभागों का भी बंटवारा हो गया। किसके जिम्मे क्या मिला यदि उस सूची को देखें तो भविष्य के सरकार के रूपरेखा का पता चलता है।

सबसे पहले चर्चा करते हैं किसको क्या मिला
खुद नीतीश कुमार ने अपने पास गृह विभा, सामान्य प्रशासन और विजिलेंस सहित ऐसे विभाग रखें हैं, जिनका अभी बंटवारा नहीं हुआ है। कैबिनेट के विस्तार के बाद इन विभागों का बंटवारा होगा। वहीं उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद को पूर्व उपमुख्यमंत्री के सारे विभाग दिए गए हैं। इनमें वित्त एवं वाणिज्य कर विभाग, वन एवं पर्यावरण विभाग, सूचना तकनीक, आपदा एवं शहरी विकास विभाग दिया गया है। उपमुख्यमंत्री रेणु देवी को पंचायती राज विभाग, पिछड़ी जाति उत्थान एवं अतिपिछड़ा कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। अशोक चौधरी को भवन निर्माण, अल्पसंख्यक कल्याण और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग दिए गए हैं। मेवालाल चौधरी बिहार के शिक्षा मंत्री होंगे। मंगल पांडेय को स्वास्थ्य, कला एवं संस्कृति एवं पथ निर्माण विभाग दिया गया है। वे पहले भी स्वास्थ्य मंत्री थे। विजेंद्र यादव को ऊर्जा,प्लानिंग, फूड एंड कंज्यूमर अफेयर्स दिया गया है। ऊर्जा विभाग पहले भी उनके पास था। विजय चौधरी के पास ग्रामीण कार्य एवं ग्रामीण विकास विभाग है। आरा से विधायक चुने गए अमरेंद्र प्रताप सिंह को मंत्री बनाया गया है। 74 वर्षीय अमरेंद्र सिंह भाजपा के सबसे बुजुर्ग मंत्री हैं। अमरेंद्र प्रताप सिंह को कृषि, कोऑपरेटिव और गन्ना विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। रामप्रीत पासवान को पीएचईडी विभाग , जीवेश कुमार को पर्यटन, श्रम एवं माइंस विभाग एवं रामसूरत राय को राजस्व एवं विधि विभाग की जिम्मेदारी मिली है। शीला देवी को परिवहन एवं हम के संतोष सुमन को लघु जल सिंचाई एवं अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग मिला है। वहीं, वीआइपी के मुकेश सहनी को पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग दिया गया है।
मिलजुल कर बांटा विभाग
मंत्रिमंडल के बंटवारे के बाद यह साफ हो गया है कि ज्यादातर विभाग भाजपा और जदयू में इस तरीके से बांटे गये हैं जिसमें जिस दल के पास पिछले कार्यकाल में जो विभाग था वही उनके हिस्से आया है। हालाकि मंत्री के स्तर पर कुछ फेरबदल किया गया है। पिछली सरकार में मंत्री रहे मंगल पांडेय को छोड़कर सभी चेहरों को बदल दिया गया है। मंगल पांडेय ही अपनी कुर्सी बचा पाए। भाजपा के 12 मंत्रियों में दो चुनाव हार गए। इसमें मुजफ्फरपुर से सुरेश शर्मा और चैनपुर से बृजकिशोर बिंद हैं। इसके अलावा दस में नौ मंत्री चुनाव जीत कर आए, जो मंत्री नहीं बन पाए। मंगल पांडेय विधान परिषद के सदस्य हैं। इसी तरह जदयू में पिछले कार्यकाल के विधानसभा अध्यक्ष विजय चौधरी का विभाग बदल दिया गया। यह पद बीजेपी के खाते में गया। भाजपा के नंद किशाेर यादव का स्पीकर बनाया जाना तय माना जा रहा है।