
देहरादून: उत्तराखंड में पंचायत चुनाव का रास्ता अब साफ होने जा रहा है। पंचायत चुनाव को लेकर मंत्रिमंडल की बैठक में पंचायतों में ओबीसी आरक्षण के नए सिरे से निर्धारण के एकल समर्पित आयोग की रिपोर्ट का परीक्षण किया गया।
सूत्रों के मुताबिक इस बात पर जोर दिया गया कि पंचायत चुनाव वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर होंगे। पंचायतों में ओबीसी आरक्षण 28 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी। समिति सोमवार को अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेगी। माना जा रहा है कि 11 जून को होने वाली कैबिनेट की बैठक में पंचायत चुनाव के संबंध में निर्णय लिया जा सकता है।
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कैबिनेट की हाल में हुई बैठक में ओबीसी आरक्षण पर वन मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय उपसमिति गठित की गई। उपसमिति में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या व सौरभ बहुगुणा सदस्य हैं। शनिवार को हुई उपसमिति की बैठक में समर्पित आयोग की रिपोर्ट पर विमर्श हुआ। पूर्व में ओबीसी आरक्षण की सीमा 14 प्रतिशत थी, जिसे आयोग ने खत्म करने की का मन बनाया है। साथ ही स्पष्ट किया कि एससी, एसटी व ओबीसी आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा। बैठक में कहा गया कि एससी व एसटी के लिए क्रमश:18 व चार प्रतिशत आरक्षण है। ऐसे में ओबीसी आरक्षण 28 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा। हालांकि उत्तराखंड में भी उत्तरप्रदेश के साथ विधानसभा चुनाव होंगे। ऐसे में उत्तराखंड पंचायत चुनाव को सेमीफइनल की तरह देखा जा रहा है।

