अमरनाथ
पटना: बिहार के पंचायतों में नए साल में नए तरह की हलचल होगी। सूबे के मुखिया नीतिश कुमार के शराब बंदी के प्रयासों को जमीन पर उतारने और सामाजिक स्तर पर लोगों को जागरूक करने के लिए पंचायतों के मुखिया को नई जिम्मेवारी मिलने वाली है। उन्हें मुनादी करानी होगी। यह शराबबंदी के समर्थन में राज्यव्यापी अभियान का हिस्सा होगा। इस अभियान में हर एक नागरिक को जोड़ने के लिए कई तरह की पहलकदमी हो रही है। 21 जनवरी को मानव श्रृंखला बननी है। उसकी तैयारी में 25 दिसंबर से 20 जनवरी तक दर्जनभर से अधिक कार्यक्रम होंगे।
समाज को जोड़ने का प्रयास भी
शराब बंदी न सिर्फ कानूनी औजार बन कर रहे अपितु सामाजिक आंदोलन बने इसकी सफलता के लिए समूचे सरकारी तंत्र को तत्पर होना है। अभी गुरू गोविंद सिंह के प्रकाश पर्व के आयोजन में व्यस्तता की वजह से थोडी मर्यादा है। पर सरगर्मी में कमी नहीं है। जनशिक्षण निदेशालय पूरी तत्परता से जुटा हुआ है। सहायक निदेशक मोहम्मद गालिब खान ने बताया कि मानव श्रृंखला में जन जन की भागीदारी के लिए हर पंचायत में मुखिया ढोल पिटवाकर मुनादी करेंगे। जिला,प्रखंड,पंचायत और गांव स्तर पर मोटरसाइकिल व साइकिल जुलूस निकाले जाऐगे। पदयात्राएं होंगी। जुलूस और पदयात्राओं में राज्यभर के साक्षरताकर्मी, आशा कार्यकर्ता, जीविका दीदी, टोला सेवक, तालिमी मरकज के शिक्षासेवी और विकास मित्र शामिल होंगे। वे सभी कायदे से सरकारी सेवक नहीं हैं, पर इन्हें सरकारी मानदेय मिलता है। गालिब खान ने बताया कि राज्य के 46 हजार 500 साक्षरताकर्मी मद्यनिषेध अभियान के लिए 50-50 नारे तैयार करेंगे। इसप्रकार 23 लाख 25 हजार नारे लिखे जाएगे।
अभियान के दूसरे चरण की शुरूआत
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 21 जनवरी को मद्यनिषेध अभियान के दूसरे चरण की शुरूआत करेंगे। इस चरण में अभियान करीब एक चौथाई पंचायतों पर केन्द्रीत रहेंगे। ये वैसी पंचायतें हैं जो शराबबंदी को लेकर अब तक कठिन और जटिल पंचायतें साबित हो रही हैं। इन पंचायतों में दारू के साथ पकड़े जाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। देशी दारू की भटिठ्यां पकड़ी और तोड़ी जा रही हैं। जाहिर है कि इन पंचायतों के मुखिया को अधिक जिम्मेवारी दी जाएगी।
कला जत्था करेंगी लोगों को जागरूक
हालांकि इस चरण में राज्य के सभी 38 जिलों में कला-जत्था की ओर से जन साधारण की जागरूकता के लिए कला जत्थाएं कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगी। कला जत्थाओं का दौरा पूरे प्रदेश में होगा। इसके लिए 124 कला जत्था का गठन किया गया है। गीत और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से आम लोगों को शराबखोरी की बुराईयों को बताया जाएगा और उन्हें शराब नहीं पीने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके लिए नए नाटक और गीत लिखे गए हैं। इन गीतों और नाटकों को लेकर जन शिक्षा निदेशालय के मास्टर ट्रेनरों की कार्यशाला हुई है।
मुख्य सचिव कर रहे हैं मॉनिटरिंग
सिखों के दसवें गुरु गुरुगोविन्द सिंह की 350 वीं जयंती पर आयोजित प्रकाशोत्सव के बाद राज्य सरकार का समूचा जोर मद्यनिषेध को लेकर 21 जनवरी को बनने वाले मानव श्रृंखला को ऐतिहासिक बनाने पर होगा। राज्य सरकार के तमाम महकमों की शीर्ष प्राथमिकता में यह होगा। 21 जनवरी को राज्य के 3007 किलोमीटर मुख्य सड़कें और करीब दो हजार किलोमीटर भीतरी सड़कों पर मानव श्रृंखला बननी है जिसकी सफलता के लिए शीर्ष स्तर से निगरानी की जाएगी। स्वयं मुख्यसचिव अंजनी कुमार सिंह प्रमंडल आयुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिग के जरीए तैयारियों का जायजा लेेंगे। दर्जनभर से अधिक कार्यक्रमों की रूपरेखा जिला, प्रखंड और पंचायतों को भेजा जा चुका है। 21 जनवरी को मुख्यमंत्री जिस जागरूकता अभियान की शुरूआत करेंगे, उसकी तैयारी की शुरूआत पंचायतों में ढोल बजाकर मुनादी से होगी।
याद रहे कि शराब बंदी को लेकर राज्य के एक करोड 19 लाख लोगों ने संकल्प पत्र भरा है। 48 हजार से अधिक टोलों में संवाद कार्यक्रम आयोजित हुए हैं। इस कार्य में चार लाख 70 हजार जीविका समूह और 20 हजार ग्राम संगठन जुटे हैं। नौ लाख से अधिक नारे लिखे गए। मानव श्रृंखला की पूर्व संध्या पर 20 जनवरी को राज्यभर में मशाल जुलूस निकाले जाएगे। 21 जनवरी को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मद्यनिषेध अभियान के दूसरे चरण का आरंभ करेंगे।
