गांव—गांव जाएंगी पशु चिकित्सा सेवा वाहन..ताकि सुधरे पशुओं की नस्ल

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amitesh-new-32अमितेश सिंह
गाजीपुर: किसानो की आमदनी् बढ़ाने के लिए सरकारी स्तर पर हर तरह का प्रयास किया जा रहा है। सरकार खेती के साथ पशुपालन पर भी पूरा ध्यान दे रही है। किसान पशुपालकों को हर सुविधा दी जा रही है विशेष रूप से दुधारू पशु पालने वाले किसानों को। इसी सिलसिले को मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने बहुउद्देशीय सचल पशु चिकित्सा सेवा चला रही है। गाजीपुर जनपद में धमार्थ कार्य मंत्री के अन्तर्गत जनपद गाजीपुर में विजय कुमार मिश्र ने जिले के 13 विकास खण्डों के लिए बहुउद्देशीय सचल पशु चिकित्सा सेवा गाड़ियों की हरी झंडी दिखाकर इस योजना का शुभारम्भ किया।इस मौके पर जिलाधिकारी गाजीपुर, जिला विकास अधिकारी, गाजीपुर तथा जनपद के अन्य अधिकारियों के साथ पश्ुपालन विभाग के समस्त अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहें। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजवादी पार्टी के महामंत्री सदानन्द यादव द्वारा की गयी।

pashupalan-2_nक्या है उद्देश्य
सेवा की शुरूआत करते हुए अवसर पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा0 इन्द्रमनि चौधरी ने कहा कि पशुपालन विभाग के 52 पशु चिकित्सालय तथा 59 पशु सेवा केन्द्रों के माध्यम से 1242328 पशुधन की चिकित्सा, बधिया, बीमारियों से बचाव आदि की जिम्मेदारी निर्वहन की जा रही है। जनपद में 15 पशु चिकित्साविदों एवं 37 पशुधन प्रसार अधिकारियों के पद रिक्त होने के बाद भी माह नवम्बर 2016 तक 478700 पशुओं का उपचार तथा 8540 पशुओं का बधियाकरण तथा 2420000 विभिन्न रोगों का टीकाकरण तथा 85670 कृत्रिम गर्भाधान किया गया।
उ0प्र0 सरकार के महत्वाकांक्षी कामधेनु, मिनी एवं माइक्रो कामधेनु योजना अन्तर्गत क्रमशः 7, 20,25 यूनिटो की स्थापना कराकर 12750 लीटर प्रतिदिन दूध का उत्पादन किया जा रहा है। इसी तरह से उ0प्र0 कुक्कुट विकास नीति 2013 के अन्तर्गत 30 हजार क्षमता की 2 यूनिट का ऋण स्वीकृत कराया गया है। जिसमें 1 यूनिट में 25000 अण्डा प्रतिदिन उत्पादन हो रहा है, तथा दूसरे यूनिट में निर्माण कार्य प्रगति पर है।

pasupalanक्या कहा जिलाधिकारी ने
वहीं गाजीपुर के जिलाधिकारी ने कहा कि भारत मे 60 से 65 प्रतिशत जनसंख्या कृषि पर आधारित है। परन्तु अब खेती मे लागत बढने की वजह से किसान बहुत फायदे मे नही है इसके लिए किसानों को खेतीे के साथ पशुपालन, फिसरी, तथा कृषि सम्बन्धित अन्य कार्य करना होगा तभी किसानो के आमदनी मे बढोतरी होगी। उन्होंने कहा कि किसान हमेशा अच्छे नस्ल के ही पशु रखेे जिससे अधिक दूध का उत्पादन हो। उन्होने कहा कि सचल पशु चिकित्सालय के आ जाने से पशु चिकित्सा क्षेत्र मे नई क्रान्ति आयेगी तथा किसानो को उनके घर पर ही चिकित्सा सुविधा उपलव्ध होगी। इस सचल वाहन मे कृत्रिम गर्भाधान की भी व्यवस्था रहेगी जिससे पशुओ का नस्ल सुधार होगी। सचल पशु चिकित्सा सेवायें प्रारम्भ हो जाने पर जनपद के सभी पशुपालकों को पशुधन विभाग की समस्त सेवायें ग्राम स्तर पर भी उपलब्ध हो सकेगी।

gai_nइस अवसर पर जिला विकास अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, डी0सी0 मनरेगा, जिला कृषि अधिकारी, उपनिदेशक कृषि, उद्यान अधिकारी तथा भारी संख्या मे आम नागरिक उपस्थित थे।

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