रायबरेली: तकनीकि के दौर में बदलते समय के साथ खेती किसानी के क्षेत्र में भी काफी बदलाव आ रहा है। एक दौर था जब किसान अपने खेत में विभिन्न प्रकार की फसले उगाता था। यूरिया का प्रचलन नही था। किसान जैविक खाद पर ही निर्भर था। विगत 4 दशक में खेती के प्रारुप में तेजी से परिवर्तन आया है। आज किसान अपने खेतों में सीमित फसलें ही उगा रहें हैं। ऐसे में इस चलन से हटकर खेती करना एक प्रयोग की तरह है।
इसी कड़ी में रायबरेली जनपद के किसान अब मशरूम की खेती कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि इस खेती में लागत के हिसाब से मुनाफा ज्यादा है।
रायबरेली जनपद के ऊंचाहार क्षेत्र के रहने वाले किसान रामगोपाल सिंह चंदेल बीते कई वर्षों से लगभग आधा एकड़ जमीन पर मशरूम की खेती कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस खेती में केवल एक लाख की लागत लगाकर 5 से 6 महीने में लगभग 3 से 4 लाख रुपए तक का मुनाफा कमाया जा सकता है। यही वजह है परंपरागत खेती से हटकर यह खेती कर रहे हैं।
किसान रामगोपाल नें कृषि विभाग के विशेषज्ञों से प्राप्त की जानकारी
रायबरेली के किसान रामगोपाल सिंह चंदेल मशरूम की खेती करने के लिए जनपद के कृषि विभाग के कृषि विशेषज्ञों से जानकारी हासिल की उसके बाद मशरूम की खेती शुरू की। अब वह इससे कम लागत में अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। चंदेल ने अपनी आधा एकड़ जमीन पर बंगले बनाया और उसके अंदर बांस बल्लियों के सहारे मशरूम बोने के लिए बेड बनाए हैं उन्हीं पर वह मशरूम उगा रहे हैं।
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