डीएम ने खोली पोल..लमही खुले में शौच मुक्त नहीं

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alokkk_nआलोक रंजन, युवा पत्रकार
वाराणसी: पिछले माह अर्थात अप्रैल में खुले में शौच मुक्त हुआ प्रेमचंद का गांव लमही आज खुले में शौच की कुप्रथा युक्त हो गया। खुद जिलाधिकारी ने तड़के लमही का दौरा कर पंचायत प्रतिनिधियों के झूठ की पोल खोल दी। 29 अप्रैल को लमही को भारी भरकम कार्यक्रम के जरिए प्रधान मीरा देवी को बधाई देते हुए यह घोषणा की गयी थी कि लमही खुले में शौच मुक्त हो गया। लेकिन अभी एक माह भी नहीं बीते कि जिलाधिकारी विजय करण आनंद ने सुबह लगभग साढ़े पांच बजे गांव का दौरा किया। प्रेमचन्द्र के गॉव लमही को सौ फीसदी स्वच्छ होने तथा गाॉव को खूले में शौचमुक्त होने के ग्राम सभा के दावें को जिलाधिकारी ने न सिर्फ खारिज कर दिया, बल्कि ग्राम प्रधान, ग्रामवासियों एवं ग्राम पंचायत अधिकारी को झूठा दावा नही, बल्कि हकीकत में गॉव को पूर्ण रूप से खूले में शौचमुक्त कराये जाने की नसीहत दी।

lamhiiiiiiiiiii_nकैसे खुली पोल

लगभग एक सप्ताह पहले अर्थात , विजय किरन आनंद ने 18 मई को ही इस जिले का पदभार संभाला था। विजय किरन आनंद मंगलवार को अलसुबह अचानक गॉव लमही पहूॅच कर इस ग्रामसभा को सौ फीसदी खुले में शौचमुक्त होने के दावें का स्थलीय जॉच किया। इस दौरान उन्‍होंने खुले में टॉयलेट जाते एक 15 साल के युवक को पास बुलाया। उसे इससे होने वाली बीमारियां और नुकसान को बताते हुए खुले में टॉयलेट न जाने की शपथ दिलाई। वे इधर उधर घूमते रहे। गॉव के गली, सिवान और खुले मैदान के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी के कदम कई स्थानो पर शौच की गंदगी के पास रूके। ग्राम प्रधान एवं सेक्रेटरी द्वारा सामने पड़े गंदगी को पशु मल के रूप में झूठलाये जाने पर उन्होने इसे खारिज कर दिया। जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद ग्राम प्रधान, ग्रामवासियों, ग्राम पंचायत अधिकारी को झूठा दावा नहीं, बल्कि हकीकत में गांव को पूर्ण रूप से खुले में टॉयलेट मुक्त कराए जाने की नसीहत दी। गांव में गंदगी पर ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी को फटकार भी लगाई। उन्होने ग्राम सभा में १६ शौचालय विहीन परिवारों को १६ शौचालय स्वीकृत करते हुए शीध्र निर्माण कराये जाने का निर्देश दिया। इसके अलावा ५ अतिरिक्त सफाई कर्मियों को लगाकर गॉव की चाक-चौबन्द सफाई सुनिश्चित कराये जाने हेतु जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया। उन्होने लमही को सौ फीसदी खूले में शौचमुक्त एवं स्वच्छता सुनिश्चित कराये जाने हेतु १५ दिन की मोहलत दी तथा १५ दिन बाद पुनः इसका स्थलीय सत्यापन किये जाने हेतु लमही आने का लोगो को जानकारी दी।

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क्या बोले जिलाधिकारी

डीएम विजय किरन आनंद ने बताया कि काफी खामियां पाई गई हैं। उन्होंने कहा कि गांव को खुले में टॉयलेट मुक्त रखे जाने के लिए बनाई गई निगरानी समिति पूरी तरह क्रियाशील नहीं है। उन्होंने कहा कि निगरानी समिति का काम है कि रोज सुबह वह इस पर निगरानी करे, जिससे गांव में कोई भी खुले में टॉयलेट न जा सके। इसके लिए उन्होंने लोगों का व्यवहार परिवर्तन किए जाने पर भी जोर दिया। गांव में निरीक्षण के दौरान निगरानी समिति के लोग सीटीयां बजाते और नारा लगाते आगे-आगे चल रहे थे।
 प्रेमचंद की स्मारक पर भी गए

लमही में  जिलाधिकारी मुंशी प्रेमचन्द्र के स्मारक स्थल पर भी  गए  और अपनी श्रंद्वासुमन अर्पित करते हुए मौके पर मौजूद लोगो को उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचन्द्र के ख्यातिलब्ध उपन्यास ‘‘कफन’’ की कहानी लोगो को सुनाते हुए लोगो के व्यवहार परिवर्तन का प्रयास किया। उन्होने बताया कि इस कहानी में उस दौरान गॉव को साफ-सुथरा रखे जाने हेतु शौचालय का प्रयोग किये जाने तथा नारी शक्ति का सम्मान किये जाने का उल्लेख किया गया है। उन्होने गॉववासियों से अपील करते हुए कहॉ कि मुंशी प्रेमचन्द्र को उनकी सच्ची श्रंद्वाजलि यही होगी कि वे उनके इस गॉव लमही को पूरी तरह खुले में शौचमुक्त एवं स्वच्छ बनाये। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी आदि लोग भी उपस्थित रहे।

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