पंचायत खबर डेस्क
गाजीपुर: मेले का प्रचलन भले ही कम हो रहा हो,लेकिन किसान मेले का प्रचलन पिछले कई वर्षों से बढ़ा है। खुद केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की तरफ से भी इस दिशा में काफी पहल किये गये है। इससे किसानों को कई तरह के फायदे होते है। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए गाजीपुर के जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री ने समस्त उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी को पत्र जारी किया है। पत्र का मजमून है कि कि जनपद में संचालित कृषि सूचना तंत्र के सुदृढिकरण एवं कृषक जागरूकता कार्यक्रम 2016-17 के अन्तर्गत रबी 2016 में कृषकों को नवीनतम तकनीकी जानकारी देने के लिए प्रचार-प्रसार के विभिन्न माध्यमों से कृषकों को जागरूक किया जाना है। जिसके लिए जनपद के प्रत्येक विकास खण्ड में एक दिवसीय कृषि निवेश मेंला का आयोजन किया जायेगा। प्रत्येक मेले में विकास खण्ड के अन्तर्गत आने वाले सभी गावों के किसान कृषि,उद्यान, पशुपालन, रेशन, सहकारिता, सिंचाई, विद्युत, एग्रो आदि विभागो के अधिकारियों,बैंकर्स,एनजीओ एवं कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक भाग लेगे।
मेले को लोकप्रिय बनाने और इसके बेहतर प्रभावी आयोजन के लिए यह निर्देश जारी किया गया है कि मेले का उद्घाटन क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों जैसे मंत्री,सांसद, विधायक, विधान परिषद सदस्य एवं ब्लाक प्रमुख से कराया जाय। विकास खण्ड स्तरीय मेंलों में समस्त ग्राम प्रधानों को अनिवार्य रूप से आमंत्रित किया जाय। खेती बाड़ी से सम्बन्धित विषयों के विषय वस्तु विशेषज्ञ के व्याख्यापन कराये जाय एवं उन्हे मानदेय दिया जाय। किसान मेंलों में विशेष रूप से कृषि विभाग, सहकारिता, एग्रो, पशुपालन, ग्राम्य विकास,उद्यान,वन, पंचायती राज, मण्डी समिति, वैकल्पिक उर्जा, सिंचाई, नलकूप, मत्स्य, रेंशम, गन्ना,खादी, ग्राम उद्योग, एवं अल्पबचत विभाग अपना अपना स्टाल लगायेगे एवं अपने विभाग से सम्बन्धित सामाग्री/उपकरणों को कृषको को प्रदर्शन एव बिक्री हेतु उपलब्ध करायेगे। मेंले में उन्नतशील बीज, कृषि यन्त्र, कृषि,रक्षा उपकरण आदि पर विभागीय योजनाओं में देय अनुदान की सीमा तक निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप छुट अनुमन्य करायी जाय।
किसान मेलो का व्यापक प्रचार प्रसार, होर्डिग, समाचार पत्र,रेडियो,माइक द्वारा एवं लिफलेट बटवाकर कराया जाय। विकास खण्ड स्तरीय मेलो के आयोजन की सूची विकास खण्ड पर रहनी चाहिए। मेलो के आयोजन मे कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केन्द्र, इफको, कृभको, इण्डो कल्प आदि उर्वरक निर्माता कम्पनियों के कृषि वैज्ञानिक विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित रहे। उर्वरक कम्पनियां बीज उत्पादक कम्पनिया, कृषि रक्षा रसायन उत्पादक कम्पनियां, कृषि विज्ञान केन्द्र एवं कृषि से सम्बन्धित समस्त विभाग अपना स्टाल लगाये एवं पंजिका भी रखेगे जिसमें कृषकों द्वारा दिये गये सुझाव अंकित किये जायेगे।
किसान मेलों में कृषि से सम्बन्धित सहयोगी विभाग के जनपद स्तरीय अधिकारी अनिवार्य रूप से भाग लेगें। किसान मेलो में यूपी एग्रो, बीज प्रमाणिकरण संस्था, कृषि उपकरण बनाने वाली कम्पनियां भी अपना स्टाल लगायेगे। कृषि विभाग चलाई जा रही आत्मा योजनान्तर्गत फार्म स्कूलों के एचीवर कृषकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाय ताकि वे मेले मे अपनी अनुभवों को अन्य कृषकों के साथ बाट सके।किसान मेंलों में कृषको द्वारा पूछे गये प्रश्नों तथा उनके दिये उत्तरों का संकलन किया जाय। मेंलों के आयोजन में समस्त विभागों के प्रमुख एवं विशेषज्ञ पहुच कर जानकारी देगे। मेलो में कृषि ऋण शिविर का आयोजन जनपद के लीड बैक अधिकारी व डीडीएम नाबार्ड के सहयोग से किया जायेगा। कृषकों को किसान क्रेडिट कार्ड येाजना के विषय में जानकारी दी जाय। जिन किसानों के पास किसान क्रेडिट कार्ड नही है उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराये जाये।

