कोरोना के बीच कोशी तटबंध के ग्रामीणों की पीड़ा बांटता कोशी नवनिर्माण मंच

अमरनाथ झा
पटना: कोशी तटबंधों के भीतर फंसे गांवों में तो सामान्य स्थिति में भी सरकारी सुविधाएं नहीं पहुंच पाती। कोरोना काल में जब सामान्य गांवों में भी जांच, इलाज, अस्पताल, दवाएं, आक्सीजन की मारामारी मची हो, तब इसके बारे में सोचना भी गुनाह लगता है। पर इसबार कोरोना की दूसरी लहर के दौरान कोशी नवनिर्माण मंच अपनी सामाजिक जिम्मेवारी समझते हुए सक्रिय हुआ है। वह न केवल कोरोना रोग के बारे में लोगों को सही जानकारी दे रहे है, बचाव के उपाय भी बता रहा है। बल्कि लॉकडाउन की वजह से कामकाज बंद होने से जिनके सामने भोजन की समस्या उत्पन्न हो गई है, उनके लिए राशन की व्यवस्था भी कर रही है।                                                                                                                            ….कोशी नवनिर्माण मंच
कोशी नवनिर्माण मंच की ओर से सबसे बड़ा जो काम किया जा रहा है, वह है कि गांवों में कोरोना के फैलाव की स्थिति का आकलन करना। इस दौरान सर्दी-खांसी-बुखार से पीडित लोगों के मिलने पर उनका प्राथमिक उपचार और फिर जरूरत पड़ने पर अस्पताल भेजकर जांच कराने के व्यवस्था की जा रही है। मंच का कार्य बहुत छोटे स्तर पर चल रहा है, पर बहुत ही सकारात्मक ढंग से चल रहा है। तीन-चार गांवों में सघन अर्थात घर-घर जाकर छानबीन की गई है। लेकिन फोन के माध्यम से आसपास के अनेक गांवों से संपर्क बनाकर रखा गया है। जरूरत के हिसाब से सलाह दी जा रही है। इसके लिए कार्यकर्ता दिन-रात लगे हुए हैं।

इसके अलावा मंच ने एक ​ह्वाट्सएप ग्रुप बनाया है। जिसमें कोरोना के बारे में जरूरी सूचनाएं प्रसारित की जाती है। इससे न केवल मंच कार्यकर्ताओं को विभिन्न इलाकों की स्थिति के बारे में जानकारी मिलती है, लोगों को किस चीज की जरूरत है, यह पता चलता है। साथ ही लोगों के कोरोना के मामले में विभिन्न चिकित्सक, विशेषज्ञ क्या कह रहे हैं, यह जानकारी भी मिल रही है। ….कोशी नवनिर्माण मंच
गांवों में मास्क बांटने के लिए सरकार की ओर से पंचायतों को निर्देश दिया गया था। पर एक पंचायत में पांच मास्क बांटने का कोई मतलब नहीं था। मंच ने न केवल गांवों के हर व्यक्ति को मास्क दिए, गांव वालों को मास्क बनाने का तरीका भी बताया। साबुन से हाथ धोने और रोजमर्रा इस्तेमाल की वस्तुओं को सेनेटाइज करने के बारे में भी बताया जा रहा है। यही नहीं, अगर कोई बीमार पड़ा तो उसकी जांच और इलाज की व्यवस्था भी की जा रही है।                                                                                                        ….कोशी नवनिर्माण मंच
मंच के संयोजन महेन्द्र यादव ने बताया कि सूचनाओं का आदान-प्रदान सबसे जरूरी है। लोगों में कोरोना को लेकर एक डर फैला है। उससे निजात पाने के लिए हम फोन के माध्यम से लगातार संपर्क बना रहे हैं। गांवों में घर-घर जाकर वास्तविक स्थिति की जानकारी बटोर रहे हैं। अभी हम तीन या चार गांवों में यह काम कर सके हैं। लेकिन फोन से संपर्क अनगिनत गांवों में है।
कोशी नवनिर्माण मंच जरूरी दवाओं के लिए पांच केन्द्र बनाए गए हैं। इनमें सुपौल में मंच का कार्यालय और निर्मली प्रखंड में डगमारा पंचायत के सिकरहटा पलार प्रमुख हैं। सुपौल की आशा ट्रस्ट भी मंच के सहयोग में आया है। उसने कोशी तटबंध के भीतर पांच गांवों में खांसी-बुखार की दवाओं के साथ-साथ कोरोना की दवाएं भी रखवाई हैं। उन गांवों के नाम हैं-खोखनाहा मुसहरी, मन्ना टोला, परसाही, मुसहरी, नोवाबाखर। दवाओं के वितरण का काम आशा के स्थानीय समन्वयक अरविंद कुमार की देखरेख में हो रहा है। दवाओं के अलावा थर्मामीटर, ऑक्सीमीटर, डिजिटल थर्मामीटर भी बांटे गए हैं। इसके अलावा अगर कोई कोरोना संक्रमित मिलता है तो उसे अस्पताल के बारे में बताना, अस्पताल में भर्ती होने में मदद करना, अगर ऑक्सीजन की जरूरत है तो उसकी व्यवस्था करना आदि कार्य मंच के कार्यकर्ता कर रहे हैं।                                                                                                                                   ….कोशी नवनिर्माण मंच

कोराना-काल में लॉकडाउन की वजह से भोजन के संकट में पड़े लोगों को मुफ्त राशन देने की घोषणा तो केंन्द्र और राज्य दोनों सरकारों ने किया है। सरकारी घोषणा के अनुसार कितने लोगों को राशन मिल पा रहा है, यह जांच का विषय हो सकता है। पर कोशी तटबंध के भीतर तो लोगों के पास राशनकार्ड ही नहीं है। उन्हें मुफ्त अनाज मिलना वैसे ही काफी कठिन हैं। इन कठिन परिस्थितियों में पड़े जिन लोगों के पास भोजन का कोई उपाय नहीं है, उन्हें मंच राशन का पैकेट दे रहा है। इस पैकेट में 5 किलो चावल, 5 किलो आटा, और दाल,आलू,प्याज, नमक,हल्दी, मसाला के साथ-साथ साबुन और मास्क भी है। लगभग 30 परिवारों को राशन पैकेट प्रतिदिन दिए जा रहे हैं।
इस कार्य में मंच के इंद्रनारायण सिंह, अर्चना सिंह, सतीश, संदीप, दुनिदत्त, शिवनंदन, अरविंद, धर्मेन्द्र, संतोष आदि कार्यकर्ता दिन-रात लगे हुए हैं।                                                                                                                                  ….कोशी नवनिर्माण मंच

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